Khabarwala 24 News Lucknow: UP Police उत्तर प्रदेश में हिंसक प्रदर्शनों, आंदोलनों और उपद्रवी तत्वों पर प्रभावी ढंग से काबू पाने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश की पुलिस को आधुनिक सुरक्षा साधनों से लैस करने के लिए 90 हजार पीवीसी (PVC) लाठी, सुरक्षा हेलमेट और पीवीसी शील्ड की खरीद की जाएगी। इस विस्तृत खरीद प्रक्रिया के लिए उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग ने ₹29.45 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है।
सुरक्षा उपकरणों की खरीद और निर्धारित दरें (UP Police)
शासन द्वारा जारी स्वीकृति आदेश के अनुसार, पुलिसकर्मियों को बलवा नियंत्रण (Riot Control) और कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान गंभीर चोटों से बचाने के लिए तीन मुख्य श्रेणियों में 90 हजार सुरक्षा उपकरण खरीदे जाएंगे। इन उपकरणों का विवरण और दरें इस प्रकार हैं:
- 30,000 पीवीसी लाठी: उपद्रव की स्थिति में संयमित और प्रभावी कार्रवाई के लिए ₹500 प्रति नग की दर से कुल 30 हजार पीवीसी लाठियां खरीदी जाएंगी।
- 30,000 प्रोटेक्टिव हेलमेट: पथराव या हमले के दौरान पुलिसकर्मियों के सिर की सुरक्षा के लिए ₹2,600 प्रति नग की दर से 30 हजार आधुनिक हेलमेट खरीदे जाएंगे।
- 30,000 पीवीसी शील्ड: बॉडी प्रोटेक्शन को मजबूत करने के उद्देश्य से ₹4,000 प्रति नग की दर से 30 हजार पीवीसी शील्ड खरीदी जा रही हैं।

बैलिस्टिक शील्ड और लाउड हेलर भी होंगे शामिल (UP Police)
सामान्य दंगारोधी उपकरणों के अलावा, गंभीर और जानलेवा परिस्थितियों में अग्रिम पंक्ति में तैनात रहने वाले जवानों के लिए विशेष रक्षात्मक गियर भी खरीदे जा रहे हैं:
- 1,500 बैलिस्टिक शील्ड: पथराव, कांच की बोतलें या अन्य घातक हमलों से जवानों का बचाव करने के लिए 1,500 बैलिस्टिक शील्ड खरीदी जाएंगी। एक बैलिस्टिक शील्ड की लागत ₹49,500 निर्धारित की गई है।
- 1,500 लाउड हेलर: भीड़ को स्पष्ट चेतावनी देने, दिशा-निर्देश जारी करने और संवाद स्थापित करने के लिए ₹5,000 प्रति नग की दर से 1,500 लाउड हेलर खरीदे जाएंगे।
आंदोलनों के अनुभवों के आधार पर लिया गया फैसला (UP Police)
बीते दिनों विभिन्न शहरों में हुए उग्र आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों के गंभीर रूप से घायल होने की कई घटनाएं सामने आई थीं। वहीं, भीड़ नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ अन्य साधनों (जैसे पैलेट गन) को लेकर अक्सर विवाद की स्थितियां बनती रही हैं।
इन्हीं स्थितियों से सीख लेते हुए गैर-घातक लेकिन अत्यंत प्रभावी सुरक्षा उपकरणों को प्राथमिकता दी जा रही है। डीजीपी मुख्यालय द्वारा इस खरीद प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद, इन सभी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया और प्रदेश भर की पुलिस इकाइयों में इनका वितरण पुलिस विभाग की लॉजिस्टिक्स शाखा द्वारा पूरा किया जाएगा।
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