Khabarwala24 Lucknow News: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एटीएस ने देशविरोधी गतिविधियों और आतंकी फंडिंग में लिप्त एक बेहद खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मोहम्मद ज़फर नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। बिहार का रहने वाला यह आरोपी मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा वसूलता था और उस पैसे को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन तक पहुंचाता था। इसके अलावा, वह जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर के विचारों से प्रेरित होकर भारत में युवाओं को हिंसक जिहाद के लिए उकसाने का काम भी कर रहा था।
जासूसों की सटीक सूचना पर कार्रवाई (Lucknow News)
यूपी एटीएस को खुफिया तंत्र से इनपुट्स मिले थे कि एक व्यक्ति धार्मिक शिक्षा और मदरसे के नाम पर आम लोगों से दान के रूप में चंदा एकत्र कर रहा है। जांच में सामने आया कि यह राशि भारत में अशांति फैलाने और आतंकी गतिविधियों को वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से पाकिस्तान भेजी जा रही थी। एटीएस ने जब आरोपी की गतिविधियों और उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स का गहन विश्लेषण किया, तो संदिग्ध की पहचान मोहम्मद ज़फर के रूप में हुई।
Uttar Pradesh ATS has arrested Mohammad Zafar from Purnia, Bihar. According to ATS, Zafar collected donations in the name of madrasas and sent money to Pakistan. He is also accused of using Jaish-e-Mohammed material linked to Masood Azhar to motivate people towards jihad. The… pic.twitter.com/wGyXDnZE2M
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) August 17, 2026
बिहार का निवासी, मेरठ के मदरसे से जुड़ीं जड़ें (Lucknow News)
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मोहम्मद ज़फर (आयु 24 वर्ष), पुत्र मोहम्मद ज़हीर, निवासी ग्राम मीरगंज, थाना-रौटा, जनपद-पूर्णिया (बिहार) के रूप में हुई है। पूछताछ और जांच में पता चला कि आरोपी पूर्व में उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित एक मदरसे में रहकर पढ़ाई कर चुका है। पढ़ाई के दौरान ही उसने जिहाद और मुजाहिदों की शहादत से संबंधित सामग्री पढ़ी, जिसके बाद वह कट्टरपंथ के रास्ते पर निकल पड़ा। वह जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अज़हर के भड़काऊ बयानों व तकरीरों से अत्यधिक प्रभावित हुआ और खुद भी ‘मुजाहिद’ बनने का सपना देखने लगा।
क्रिप्टोकरेंसी और बाइनेंस के ज़रिए पाकिस्तान भेजी फंडिंग (Lucknow News)
एटीएस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में ज़फर ने अपने सभी अपराध स्वीकार कर लिए हैं। जांच में सामने आए मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं:
- पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क: ज़फर फेसबुक और व्हाट्सएप के ज़रिए जैश-ए-मोहम्मद के जिहादी ग्रुप्स में जुड़ा और सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया। उसने खुद आगे बढ़कर जिहाद में वित्तीय मदद देने की पेशकश की।
- क्रिप्टोकरेंसी (USDT) का इस्तेमाल: शुरुआत में पाकिस्तानी बैंक खाते में सीधे पैसे भेजने का प्रयास असफल रहा। इसके बाद हैंडलर्स के निर्देश पर उसने ‘बाइनेंस (Binance)’ अकाउंट के माध्यम से USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के रूप में कई बार पाकिस्तान फंडिंग भेजी।
- सोशल मीडिया पर पहचान छिपाकर भड़काऊ बयान: आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरा ढककर फेसबुक पर वीडियो और बयान जारी करता था, जिसमें वह लोगों को खिलाफत और हिंसक जिहाद के लिए उकसाता था। उसके मोबाइल से कई पाकिस्तानी व्हाट्सएप ग्रुप्स भी मिले हैं।

विधिक कार्रवाई और मामला दर्ज (Lucknow News)
यूपी एटीएस ने 16 अगस्त 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर मु.अ.सं. 13/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) की धारा 152, 61(2) तथा गैरकानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम (UAPA) 1967 की धारा 18 और 38 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। अभियुक्त को सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एटीएस अब इसके नेटवर्क के अन्य साथियों और फंडिंग स्रोतों का पता लगा रही है।
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