Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News शहर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से ही ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह ठप है। ई-रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन ने पहले ही इस हड़ताल का ऐलान कर दिया था। शहर के मुख्य चौराहों, मोहल्लों और रेलवे स्टेशन के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। यह हड़ताल आज शाम 6 बजे तक जारी रहेगी।
आम जनजीवन पर असर: स्कूल और मंदिर जाने वाले परेशान (Hapur News )
सुबह-सुबह जब बच्चे स्कूल के लिए तैयार होकर निकले, तो उन्हें स्टैंड्स पर एक भी रिक्शा नहीं मिला। यही हाल उन महिलाओं का रहा जो सुबह मंदिर दर्शन के लिए निकलती हैं। इसके अलावा, कामगारों और व्यापारियों को भी पैदल या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। अचानक हुई इस हड़ताल की जानकारी न होने के कारण कई लोगों को घंटों सड़क किनारे खड़ा रहना पड़ा।
क्यों हड़ताल पर हैं ई-रिक्शा चालक? (मुख्य मांगें) (Hapur News )
एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल कौशिक और जिलाध्यक्ष वरुण त्यागी के नेतृत्व में चालकों ने अपनी समस्याओं का कच्चा चिट्ठा खोला है। उनकी नाराजगी के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- छोटे और अव्यवहारिक रूट: चालकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा तय किए गए रूट बहुत छोटे हैं। इससे उन्हें बार-बार घूमकर आना पड़ता है, जिससे समय की बर्बादी होती है और आमदनी न के बराबर रह गई है।
- स्टैंड की अनुपलब्धता: पूरे शहर में ई-रिक्शा के लिए कोई आधिकारिक स्टैंड नहीं है। मजबूरी में उन्हें सड़क किनारे खड़ा होना पड़ता है।
- पुलिस चालान और दुकानदारों का व्यवहार: स्टैंड न होने के कारण जब वे सड़क किनारे रुकते हैं, तो पुलिस फोटो खींचकर ऑनलाइन चालान कर देती है। वहीं, दुकानों के सामने खड़े होने पर दुकानदार उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं।
- रेलवे स्टेशन पर अवैध वसूली: चालकों ने आरोप लगाया कि रेलवे स्टेशन पर उनसे जबरन 20 रुपये की ‘अवैध’ पर्ची काटी जा रही है। इसका विरोध करने पर उनका उत्पीड़न किया जाता है।
जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन और ज्ञापन (Hapur News )
अपनी इन समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक सुबह 11 बजे जिला मुख्यालय पहुंचेंगे। वहां अपनी समस्याओं को लेकर वह जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। दस बजे ई-रिक्शा संचालक रामलीला मैदान में एकत्र होंगे। उनका कहना है कि यदि शहर में व्यवस्थित पार्किंग और स्टैंड की सुविधा मिल जाए, तो न केवल उनकी समस्या हल होगी, बल्कि बाजारों में लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
“हम मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न झेल रहे हैं। गर्मी, सर्दी और बरसात में हमारे पास खड़े होने की कोई जगह नहीं है। प्रशासन को हमारी बुनियादी जरूरतों को समझना होगा।” — ई-रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन
निष्कर्ष: समाधान की उम्मीद (Hapur News )
हापुड़ में ई-रिक्शा शहर की लाइफलाइन बन चुके हैं। ऐसे में उनकी हड़ताल ने पूरे यातायात तंत्र को प्रभावित किया है। अब देखना यह है कि प्रशासन उनके ज्ञापन पर क्या कार्रवाई करता है। यदि ई-रिक्शा के लिए रूटों का पुनर्गठन और स्टैंड का निर्माण होता है, तो यह शहर के यातायात प्रबंधन के लिए एक बड़ा कदम होगा।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।



