Noida Violence सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद उर्फ रस्टी गिरफ्तार, प्रदर्शन को उग्र बनाने की साजिश का खुलासा

Khabarwala 24 News Noida: Noida Violence उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में 13 अप्रैल 2026 को मजदूरों के वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों को लेकर शुरू हुए प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया था। प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस की जांच में यह […]

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Khabarwala 24 News Noida: Noida Violence उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में 13 अप्रैल 2026 को मजदूरों के वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों को लेकर शुरू हुए प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया था। प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस की जांच में यह मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा निकला, जिसका मुख्य मास्टरमाइंड एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद उर्फ रस्टी (28) था। यूपी एसटीएफ और नोएडा पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे 18 अप्रैल की रात तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (त्रिच्य) रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।

आरोपी की पृष्ठभूमि और शिक्षा (Noida Violence)

आदित्य आनंद बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर क्षेत्र के छोटी मढैया गांव का मूल निवासी है। उसने बिहार के आरआर इंटर कॉलेज से 12वीं पास की और 2013 में पटना में रहना शुरू किया। वर्ष 2020 में NIT जमशेदपुर से बीटेक पूरा करने के बाद कैंपस प्लेसमेंट के जरिए नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी लगी। 2022 में वह गुरुग्राम शिफ्ट हो गया था और जून 2025 में फिर नोएडा के सेक्टर-37 अरुण विहार में किराए के फ्लैट में रहने लगा। गुरुग्राम के सरस्वती विहार सेक्टर-28 भी उसका अस्थायी पता रहा।

साजिश की तैयारी: बैठकें और संगठनों का रोल (Noida Violence)

पुलिस जांच और आरोपी से शुरुआती पूछताछ के अनुसार, 30 मार्च से 1 अप्रैल तक अरुण विहार के फ्लैट पर कई बैठकें हुईं। इनमें मजदूर बिगुल, दिशा संगठन, आरडब्ल्यूपीआई, नौजवान भारत सभा और एकता संघर्ष समिति गौतमबुद्ध नगर के सदस्य शामिल थे। बैठकें प्रदर्शन को उकसाने, श्रमिकों को भड़काने और पूरे आंदोलन को हिंसक बनाने की रणनीति बनाने के लिए आयोजित की गई थीं।

फेसबुक के जरिए जुड़ा (Noida Violence)

आदित्य 2022 में फेसबुक के जरिए मजदूर बिगुल से जुड़ा। उसने मजदूर बिगुल के संपादक अनुभव सिन्हा से संपर्क किया और नोएडा की कंपनियों में होने वाली छोटी-मोटी घटनाओं की रिपोर्टिंग शुरू कर दी। 2023 में भगत सिंह जन अधिकार यात्रा के दौरान रूपेश राय से मुलाकात हुई, जिसके बाद वह मजदूर बिगुल के सीनियर लीडर्स और कार्यकर्ताओं के करीब आ गया और उनके आंदोलनों में सक्रिय रूप से शामिल होने लगा।

पांच सदस्यों के साथ किया था प्रदर्शन (Noida Violence)

19 मार्च को उसने नौजवान भारत सभा के पांच सदस्यों के साथ डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन किया, ज्ञापन सौंपा और बैनर लगाए। इन फोटोज को उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर भी किया था। सेक्टर-4 की एक कंपनी में स्मार्ट मीटर बनाने वाली यूनिट में आग लगने और मजदूर की मौत के मामले को भी वह उठाने की कोशिश कर रहा था। मजदूर बिगुल का “पत्रकार” बनकर वह झुलसे मजदूरों के घर रिपोर्टिंग करने भी गया था।

प्रदर्शन के दौरान भूमिका और फरार होना (Noida Violence)

13 अप्रैल को प्रदर्शन के दौरान आदित्य ने एक जगह श्रमिकों के बीच पहुंचकर भड़काऊ भाषण भी दिया। वीडियो और फोटो देखकर ही पुलिस की जांच में उसका नाम सामने आया। हिंसा के बाद वह फरार हो गया। 16 अप्रैल को गैर-जमानती वारंट जारी होने पर वह चेन्नई भाग गया और वहां से त्रिचिरापल्ली पहुंचा, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, फेसबुक पर मार्च से उसने अपनी कोई नई पोस्ट नहीं की, बल्कि सिर्फ मजदूर बिगुल और अन्य संगठनों के पोस्ट शेयर किए। इनमें “मानेसर हड़ताल की लपटें नोएडा तक पहुंचीं” जैसे मैसेज थे। 9 अप्रैल को रिचा ग्लोबल कंपनी के सामने हुए प्रदर्शन में बैनर भी बनवाकर लाए गए थे। हेल्पलाइन के तौर पर मोबाइल नंबर भी जारी किए गए।

फंडिंग और पाकिस्तान एंगल की जांच (Noida Violence)

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि और कौन-कौन लोग शामिल थे और फंडिंग कहां से आ रही थी। एटीएस अलग से इस एंगल की जांच कर रही है। जांच में पता चला कि एक्स (पूर्व ट्विटर) के दो अकाउंट्स से अफवाहें फैलाई गईं, जिनका संचालन पाकिस्तान से हो रहा था। कुछ समय पहले एटीएस ने लखनऊ से ऐसे युवकों को पकड़ा था जो पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे और आगजनी जैसी घटनाएं कर रहे थे।

आदित्य आनंद से विस्तृत पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के अधिकारी मान रहे हैं कि इससे साजिश का पूरा नेटवर्क सामने आएगा। मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच जारी है।

यह घटना मजदूरों की वैध मांगों को लेकर शुरू हुए आंदोलन को कुछ बाहरी और संगठित तत्वों द्वारा हिंसा में बदलने का उदाहरण बन गई है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन की आड़ में तोड़फोड़ और आगजनी की पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।
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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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