अयोग्यता विवाद: तेलंगाना हाईकोर्ट ने विधायक दानम नागेंद्र और विधानमंडल सचिव को नोटिस जारी किए

हैदराबाद, 23 मार्च (khabarwala24)। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने सोमवार को विधायक दानम नागेंद्र और तेलंगाना विधानमंडल सचिव को निर्देश दिया कि वे भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता अल्लेटी महेश्वर रेड्डी की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करें।यह याचिका विधानसभा अध्यक्ष के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई है, जिसमें दानम नागेंद्र […]

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

हैदराबाद, 23 मार्च (khabarwala24)। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने सोमवार को विधायक दानम नागेंद्र और तेलंगाना विधानमंडल सचिव को निर्देश दिया कि वे भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता अल्लेटी महेश्वर रेड्डी की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करें।

यह याचिका विधानसभा अध्यक्ष के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई है, जिसमें दानम नागेंद्र के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका को खारिज कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने इस मामले में दोनों पक्षों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।

भारतीय जनता पार्टी के नेता ने मांग की है कि विधानसभा अध्यक्ष के उस आदेश को रद्द किया जाए, जिसमें जुलाई 2024 में दायर अयोग्यता याचिका को खारिज कर दिया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दानम नागेंद्र 2023 के विधानसभा चुनाव में भारत राष्ट्र समिति के टिकट पर चुने गए थे, उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर अपनी मूल पार्टी की सदस्यता छोड़ दी थी।

याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने भारत राष्ट्र समिति से इस्तीफा दिए बिना कांग्रेस के टिकट पर सिकंदराबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, जिससे संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी अयोग्यता बनती है।

महेश्वर रेड्डी का तर्क है कि विधानसभा अध्यक्ष ने यह जांच नहीं की कि विधायक ने वास्तव में पार्टी छोड़ी या नहीं और बिना उचित जांच के याचिका खारिज कर दी।

उन्होंने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों का भी हवाला दिया, जो कर्नाटक और बिहार के समान मामलों से जुड़े हैं। विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार ने 11 मार्च को दानम नागेंद्र और एक अन्य विधायक कडियम श्रीहरि के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर पाए कि दोनों विधायक कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे। इस मामले में भारत राष्ट्र समिति के विधायक कौशिक रेड्डी और भारतीय जनता पार्टी के विधायक महेश्वर रेड्डी ने दानम नागेंद्र के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी, जबकि भारत राष्ट्र समिति के विधायक के. पी. विवेकानंद ने कडियम श्रीहरि के खिलाफ याचिका दायर की थी।

इसके साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष ने उन सभी 10 भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका भी खारिज कर दी हैं, जिन्होंने 2024 में राज्य में कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के कुछ महीनों बाद कथित रूप से अपनी निष्ठा बदल ली थी।

दिसंबर 2025 में अध्यक्ष ने 5 विधायकों -तेल्लम वेंकट राव, बांडला कृष्ण मोहन रेड्डी, टी. प्रकाश गौड़, गुडेम महिपाल रेड्डी और अरेकापुडी गांधी के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

इसके बाद 15 जनवरी को उन्होंने पोचारम श्रीनिवास रेड्डी और काले यदैया के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाएं भी खारिज कर दीं। 4 फरवरी को अध्यक्ष ने बीआरएस विधायक संजय कुमार के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका को भी खारिज कर दिया।

इन सभी मामलों में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए कि इन विधायकों ने कांग्रेस पार्टी में दलबदल किया था। इसी वजह से इन पर ‘दल-बदल विरोधी कानून’ लागू नहीं किया जा सकता।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related News

Breaking News