बलूच सशस्त्र समूह पर आरोप: आईएसआई से जुड़े दो संदिग्धों को मारी गोली, हिरासत में एक

क्वेटा, 10 मार्च (khabarwala24)। बलूचिस्तान के खुजदार जिले में चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) हाईवे पर गोलीबारी में पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी, आईएसआई से जुड़े दो लोगों की मौत हो गई। आरोप बलूच सशस्त्र समूह पर लगाया गया है। स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।द बलूचिस्तान पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से बताया कि […]

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क्वेटा, 10 मार्च (khabarwala24)। बलूचिस्तान के खुजदार जिले में चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) हाईवे पर गोलीबारी में पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी, आईएसआई से जुड़े दो लोगों की मौत हो गई। आरोप बलूच सशस्त्र समूह पर लगाया गया है। स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

द बलूचिस्तान पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सोमवार को खुजदार के कारख तहसील में लड़ाकों ने चेकपॉइंट से गुजरने वाली गाड़ियों की जांच की। इसी दौरान पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से जुड़े दो संदिग्धों को पकड़ा। दोनों ने भागने की कोशिश की तो उन्हें गोली मार दी गई, और एक शख्स को हिरासत में लिया। बाद में पाकिस्तानी सेना कथित तौर पर इलाके की ओर बढ़ी और दोनों ओर से काफी झड़प हुई।

रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अभी तक किसी भी ग्रुप ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।

यह घटना 4 मार्च को कारख शहर में बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) के घुसने और सरकारी संपत्ति के साथ पुलिस स्टेशनों को नष्ट करने के कुछ दिनों बाद हुई।

इस बीच, एक अलग घटनाक्रम में, द बलूचिस्तान पोस्ट ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रांत के केच जिले के तेजबन इलाके में पाकिस्तान के फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के काफिले की गाड़ी पर विस्फोटक सामग्री से हमला किया गया।

विस्फोट से गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचा था और दो लोग घायल हो गए थे।

इसके अलावा, केच में, हथियारबंद लोगों ने कथित तौर पर खान और शेपचर इलाकों में दो पाकिस्तानी मिलिट्री चेकपोस्ट पर एक साथ हमले किए थे। यहां से हथियार और दूसरे सामान जब्त करने के बाद चेकपॉइंट में आग लगा दी थी।

बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने भी बताया कि उसने 8 और 9 मार्च को क्वेटा और नसीराबाद जिले में पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाकर दो हमले किए थे।

एक बयान में, बीआरजी के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने कहा कि ग्रुप ने क्वेटा में एक पुलिस पेट्रोल पर हैंड ग्रेनेड फेंका था।

बाद में, उन्होंने नसीराबाद के मीर हसन इलाके में छोटे हथियारों और ग्रेनेड-लॉन्चर से एक फोर्स चेकपॉइंट पर हमला किया, जिसमें दो पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और एक अन्य घायल हो गया था।

इस बीच, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने 7 और 8 मार्च को केच में एक पाकिस्तानी मिलिट्री कैंप और सिक्योरिटी फोर्स चेकपॉइंट पर दो हमलों की जिम्मेदारी ली। दावा किया कि दुश्मनों के इंफ्रास्ट्रक्चर को इससे काफी नुकसान पहुंचा।

एक मीडिया बयान में, बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने दावा किया कि लड़ाकों ने 8 मार्च को तुर्बत एयरपोर्ट के मेन गेट पर जॉइंट फ्रंटियर कॉर्प्स और एयरपोर्ट सिक्योरिटी फोर्स चेकपॉइंट पर कई ग्रेनेड लॉन्चर दागे थे।

उन्होंने कहा, “इस हमले की वजह से, चेकपॉइंट पर दुश्मन खेमे के कई लोग मारे गए और उनके सामान को भारी नुकसान पहुंचा।” उन्होंने बताया कि बीएलएफ लड़ाकों ने 7 मार्च को हिरोंक इलाके में एक पाकिस्तानी मिलिट्री कैंप पर भारी और ऑटोमैटिक हथियारों से हमला किया था। इस हमले में भी ‘दुश्मनों को’ कथित तौर पर भारी कीमत चुकानी पड़ी थी।

दोनों ग्रुप्स ने पाकिस्तानी फोर्स के खिलाफ हमलों को बलूचिस्तान में “कब्जा करने वाली सेनाओं” के खिलाफ चल रहे हथियारबंद संघर्ष का हिस्सा बताया है।

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