तनाव और घबराहट दूर करने में कारगर हृदय मुद्रा, कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल तो हृदय होगा मजबूत

नई दिल्ली, 11 फरवरी (khabarwala24)। अव्यवस्थित जीवनशैली इंसान को दिन-ब-दिन बीमार करते जा रहे हैं। यह बीमारी न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक भी है। ऐसे में योगासन को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर तन मन दोनों को सेहतमंद रखा जा सकता है। योग एक्सपर्ट हृदय मुद्रा के अभ्यास की सलाह देते हैं, इसे अपान वायु मुद्रा […]

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नई दिल्ली, 11 फरवरी (khabarwala24)। अव्यवस्थित जीवनशैली इंसान को दिन-ब-दिन बीमार करते जा रहे हैं। यह बीमारी न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक भी है। ऐसे में योगासन को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर तन मन दोनों को सेहतमंद रखा जा सकता है। योग एक्सपर्ट हृदय मुद्रा के अभ्यास की सलाह देते हैं, इसे अपान वायु मुद्रा या मृत्संजीवनी मुद्रा भी कहा जाता है।

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा ने हृदय स्वास्थ्य और भावनात्मक मजबूती के लिए हृदय मुद्रा को बहुत प्रभावी बताया है। यह एक आसान हस्त मुद्रा है, जो प्राण ऊर्जा को हाथों के माध्यम से हृदय क्षेत्र की ओर प्रवाहित करती है। इससे हृदय की ताकत और ऊर्जा बढ़ती है, साथ ही हृदय से जुड़ी नाड़ियां सक्रिय होती हैं।

हृदय मुद्रा का नियमित अभ्यास हृदय को मजबूत बनाता है और भावनात्मक बोझ को कम करता है। यह दबी हुई भावनाओं को मुक्त करने में मदद करता है। तनाव, मानसिक संघर्ष या किसी संकट की स्थिति में यह मुद्रा बहुत उपयोगी साबित होती है। यह अनाहत चक्र (हृदय चक्र) को जागृत करती है, जिससे व्यक्ति में शांति, प्रेम और संतुलन की भावना बढ़ती है।

यही नहीं यह मुद्रा ब्लड सर्कुलेशन सुधारती है, नर्वस सिस्टम को शांत करती है और हृदय संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक हो सकती है। यह मुद्रा आसानी से घर पर की जा सकती है।

एक्सपर्ट के अनुसार, अभ्यास के लिए किसी आरामदायक स्थिति या सुखासन, पद्मासन की अवस्था में बैठें। रीढ़ सीधी रखें। दोनों हाथों को घुटनों पर रखें, हथेलियां ऊपर की ओर। तर्जनी उंगली को मोड़कर अंगूठे के आधार पर लगाएं। इसके बाद मध्यमा और अनामिका उंगलियों के सिरों को अंगूठे के सिरे से स्पर्श कराएं। छोटी उंगली को सीधा और ढीला रखें। आंखें बंद करके गहरी सांस लें और ध्यान हृदय क्षेत्र पर केंद्रित करें। एक्सपर्ट रोजाना 10 से 30 मिनट तक इस मुद्रा के अभ्यास की सलाह देते हैं।

यह मुद्रा आसान और कई फायदे देने वाली है और सभी उम्र के लोग कर सकते हैं। हालांकि, यदि किसी को गंभीर हृदय रोग है तो योग विशेषज्ञ की सलाह से शुरू करें।

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