नई दिल्ली, 28 दिसंबर (khabarwala24)। सर्दियों के मौसम में पूरे शरीर की देखभाल बहुत जरूरी है। कई बार ध्यान रखने के बाद भी अचानक पूरा शरीर सर्दी से कांपने लगता है, हाथ-पैर ठंडे हो जाते हैं और बोलते वक्त मुंह खोलने में परेशानी होती है। इन लक्षणों को समझ पाना बहुत मुश्किल हो जाता है कि हो क्या रहा है और अब आगे क्या करना है।
इसे ‘विंटर एंग्जायटी’ या ‘कोल्ड-इंड्यूस्ड पैनिक’ अटैक कहा जाता है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। ‘विंटर एंग्जायटी’ के बहुत सारे कारण हो सकते हैं, लेकिन मुख्य कारण शरीर के तापमान में अचानक परिवर्तन होता है। जब शरीर का सामान्य तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर जाता है, तो शरीर में कंपन होने लगती है और मांसपेशियां तेजी से फैलती और सिकुड़ती हैं। इससे रक्त का संचार भी प्रभावित होता है और घबराहट और पसीना आने लगता है।
‘विंटर एंग्जायटी’ सिर्फ तन से ही नहीं बल्कि मन से भी जुड़ी है। सर्दियों के मौसम में तनाव बनाने वाला हॉर्मोन कॉर्टिसोल तेजी से बढ़ता है और एंग्जायटी महसूस होने लगती है, जिसके बाद बेचैनी और बिना कारण के रोने का मन करता है। इसके अलावा सर्दियों में रक्त वाहिनियों के सिकुड़ जाने या उन पर ज्यादा दबाव की स्थिति में भी ‘विंटर एंग्जायटी’ हो सकती है।
अब सवाल है कि ऐसा होने पर क्या करें। सबसे पहले खुद को शांत करने की कोशिश करें और अच्छे वातावरण में लंबी और गहरी सांस लें। इससे रक्त वाहिनों पर दबाव कम पड़ेगा और दिल और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन पूरी तरह पहुंच पाती है। इसके अलावा, गुनगुने पानी में नमक डालकर हल्के-हल्के घूंट लेकर पीना शुरू करें। यह तरीका तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करता है।
‘विंटर एंग्जायटी’ होने पर हाथ दोनों हाथों को आपस में रगड़ें और आंखों और कान के पीछे लगाएं। वहां मौजूद नसें शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। अगर बहुत ज्यादा कंपकंपी और ठंड महसूस हो रही है तो मोटे कंबल का सहारा लें और किसी को कंबल के ऊपर से गले लगाने के लिए कहें। इसे डीप टच प्रेशर कहा जाता है, जो गर्माहट के साथ-साथ सुरक्षा प्रदान करता है।
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