ताइवान के साथ तनाव के बीच फिलीपींस ने उत्तरी प्रांत के पास चीनी जहाज को दी चुनौती

मनीला, 31 दिसंबर (khabarwala24)। एक तरफ चीन और ताइवान के बीच बीते दिनों फिर से तनाव देखने को मिला। दूसरी ओर, फिलीपींस ने चीन को चुनौती देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। फिलीपींस कोस्ट गार्ड की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, उसने मंगलवार को चीन के खोजी जहाज को चुनौती दी।जिस जहाज के […]

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मनीला, 31 दिसंबर (khabarwala24)। एक तरफ चीन और ताइवान के बीच बीते दिनों फिर से तनाव देखने को मिला। दूसरी ओर, फिलीपींस ने चीन को चुनौती देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। फिलीपींस कोस्ट गार्ड की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, उसने मंगलवार को चीन के खोजी जहाज को चुनौती दी।

जिस जहाज के जरिए फिलीपींस ने चुनौती दी है, वह सबमर्सिबल जहाजों के लिए बेस का काम करता है। फिलीपींस ने यह तब किया है, जब चीन ने अपने सैन्य अभ्यास के जरिए एक बार फिर से ताइवान में तनाव पैदा कर दिया।

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चीन का यह रिसर्च वेसल उत्तरी कागायन प्रांत के तट से लगभग 19 नॉटिकल मील दूर देखा गया था। इस सिलसिले में फिलीपींस कोस्ट गार्ड (पीसीजी) ने एक बयान में कहा कि पायलट ने सीआरवी टैन सुओ एर हाओ को कई रेडियो चुनौती दिए, जिसमें यह पुष्टि करने की कोशिश की गई कि क्या वह मनीला की सहमति के बिना मरीन रिसर्च कर रहा है।

हालांकि, इसका कोई जवाब नहीं मिला, लेकिन अगर चीन ऐसा कर रहा है, तो यह ना केवल फिलीपींस के कानून का उल्लंघन होगा, बल्कि इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन माना जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय और फिलीपींस कानून के तहत, विदेशी जहाजों को देश के एक्सक्लूसिव आर्थिक जोन के भीतर समुद्री वैज्ञानिक खोज करने से पहले सरकारी मंजूरी लेनी होगी।

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पीसीजी के प्रवक्ता जे टैरिएला ने कहा कि अधिकारियों ने वेसल की मौजूदगी को चुनौती देने के लिए तुरंत एक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस फ्लाइट का ऑर्डर दिया।

इस ऑपरेशन का मकसद यह वेरिफाई करना था कि क्या चीनी रिसर्च वेसल टैन सुओ एर हाओ फिलीपीन सरकार से मंजूरी लिए बिना समुद्री वैज्ञानिक खोज कर रहा था। इसके साथ ही फिलीपींस अपने एक्सक्लूसिव आर्थिक जोन में देश की संप्रभुता के अधिकारों का दावा करना चाहता था।

टारिएला ने कहा, “पीसीजी पायलटों ने कई रेडियो चैलेंज भी जारी किए, जिसमें वेसल से उसके इरादों के बारे में पूछा गया और उसे फिलीपींस के पानी में वैज्ञानिक खोज करने के लिए मंजूरी की जरूरत याद दिलाई गई।”

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने ‘जस्टिस मिशन 2025’ अभ्यास शुरू किया है। इसके तहत ताइवान के आसपास के क्षेत्र में थल सेना, वायु सेना और तोपखाने की यूनिट को तैनात कर अभ्यास किया जा रहा है। इसके साथ ही लाइव फायर ड्रिल भी किया जाएगा। इसकी वजह से ताइवान समेत चीन और जापान के बीच भारी तनाव की स्थिति बन गई है।

इस बीच ताइवान ने चीन के इस हरकत की आलोचना भी कर दी है। फिलहाल शुरुआती अभ्यास किए जा रहे हैं। चीनी सेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, असल मायने में अभ्यास स्थानीय समयानुसार मंगलवार को सुबह आठ बजे से लेकर शाम के छह बजे तक जारी रहा।

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