Sea Change Black Colour धरती के 71 प्रतिशत हिस्से में फैला है समुद्र, काला हो रहा रंग, इंसानों के लिए नहीं है अच्छा संकेत, आखिर ऐसा क्यों हो रहा

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Khabarwala 24 News New Delhi : Sea Change Black Colour धरती के 71 प्रतिशत हिस्से में समुद्र फैला है। सिर्फ 29 से 30% ठोस स्थलीय इलाका है। हमारे महासागरों को लेकर वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है, क्योंकि इसका रंग बदल रहा है। यह तेजी से काला होता जा रहा है। शोध के अनुसार, पिछले दो दशकों में वैश्विक महासागरों का 21% से ज्यादा हिस्सा काला हो गया है। यह प्रक्रिया, जिसे “महासागरों का काला पड़ना” कहा जाता है, तब होती है जब महासागर के सबसे ऊपरी स्तर में परिवर्तन के कारण सूर्य के प्रकाश की गहराई कम हो जाती है।

एक बड़े क्षेत्र में छा गया है अंधेरा (Sea Change Black Colour)

यानी ये समझें कि महासागरों के इतने बड़े क्षेत्र में अंधेरा छा गया है, जिससे समुद्री जीवन के लिए जरूरी ऊपरी परत, जिसे फोटिक जोन कहा जाता है, वहां सूरज की रोशनी का प्रवेश कम हो गया है। लगभग 20 साल के सैटेलाइट डेटा से ये चिंताजनक जानकारी मिली है, जो सिर्फ पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक मुद्दा भी है। जमीन पर पनपने वाले जीवन के लिए समुद्र काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि जलवायु और मौसम का संतुलन पृथ्वी पर बना हुआ है।

इंसानों पर पड़ सकता बुरा प्रभाव (Sea Change Black Colour)

सिकुड़ता हुआ फोटिक जोन समुद्री जैव विविधता को खतरे में डालता है। महासागर का काला पड़ना पानी की पारदर्शिता में कमी को दर्शाता है जो सूर्य के प्रकाश को समुद्र में प्रवेश करने की सीमा को सीमित कर देता है। समुद्र का प्रकाश क्षेत्र, वैसी जगह हैं, जहां प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया आसान होती है। यही प्रकाश क्षेत्र कई क्षेत्रों में सिकुड़ रहा है। शोधकर्ताओं ने कहा कि ग्रह की संख्या में समुद्री प्रजातियां और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

अफ्रीका के आकार के बराबर (Sea Change Black Colour)

समुद्र में इस बदलाव के लिए जिम्मेदार कुछ कारण है। इनमें समुद्र के गर्म होने से शैवालों का ज्यादा विकास होना, समुद्र तल और सतह का तापमान में बदलाव, समुद्र में ज्यदा तलछट जमा होना जैसे कारण शामिल हैं। ग्लोबल चेंज बायोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि महासागर के 9% से अधिक भाग – जो अफ्रीका के आकार के बराबर का क्षेत्र है, यहां के प्रकाश क्षेत्र में 164 फीट (50 मीटर) से अधिक की कमी देखी गई है।

20 वर्षों में समुद्र का रंग बदला (Sea Change Black Colour)

विश्वविद्यालय में समुद्री संरक्षण के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. थॉमस डेविस ने कहा कि अनुसंधान से पता चला है कि पिछले 20 वर्षों में समुद्र की सतह का रंग कैसे बदल गया है। हमारे परिणाम इस बात का प्रमाण देते हैं कि ऐसे परिवर्तनों के कारण बड़े पैमाने पर अंधेरा छा जाता है, जिससे उन जानवरों के लिए समुद्र की उपलब्धता कम हो जाती है जो अपने अस्तित्व और प्रजनन के लिए सूर्य और चंद्रमा पर निर्भर रहते हैं।

विश्व की क्षमता पर प्रभाव होगा (Sea Change Black Colour)

डॉ. डेविस ने कहा कि महासागरों के काले होने से मनुष्यों द्वारा सांस ली जाने वाली हवा, उनके द्वारा खायी जाने वाली मछलियों तथा जलवायु परिवर्तन से लड़ने की विश्व की क्षमता पर प्रभाव पड़ सकता है। प्लायमाउथ समुद्री प्रयोगशाला में समुद्री जैव-भू-रसायन विज्ञान एवं अवलोकन के प्रमुख प्रोफेसर टिम स्मिथ ने कहा कि कुछ समुद्री जीव, जिन्हें प्रकाश की आवश्यकता होती है, इससे खाद्यान्न और अन्य संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी।

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