नई दिल्ली, 18 मार्च (khabarwala24)। ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिव अली लारीजानी, उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में आंतरिक सुरक्षा के उप-प्रमुख अलीरेजा बायात, समेत कई अंगरक्षकों की मौत पर ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है। बयान के जरिए उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से यूएस-इजरायल के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की अपील की है। ईरान में भारतीय दूतावास ने इसे विभिन्न सोशल प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया।
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने लारीजानी की हत्या को कायरतापूर्ण कार्रवाई करार दिया है, साथ ही दुनिया के उन लोगों का शुक्रिया अदा किया है जिन्होंने इस मुश्किल वक्त में ईरान के प्रति संवेदना जाहिर की है।
इसमें लिखा है कि लारीजानी की मौत हत्या नहीं शहादत है जो उन्होंने ईरान के लिए दी। देश लारीजानी परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। वे तेहरान के एक रिहायशी इलाके में संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायली शासन द्वारा किए गए एक हमले के दौरान “शहीद हुए।”
मंत्रालय ने लारीजानी को एक समर्पित दार्शनिक, गहन विचारक, देशभक्त राजनेता, और इस्लामी क्रांति के शहीद नेता (खामेनेई) के एक विश्वसनीय और वफादार साथी के साथ ही राष्ट्र का एक सच्चा सेवक करार दिया है।
हमले की सख्त निंदा करते हुए यूएन से इस हमले का संज्ञान लेने की अपील की है। आगे लिखा है, “विदेश मंत्रालय इस जघन्य अपराध की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करता है। संयुक्त राष्ट्र, उसकी सुरक्षा परिषद और महासचिव से अपील करते हैं कि इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका की निरंतर सैन्य आक्रामकता और ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध उनके द्वारा किए गए गंभीर अपराधों के विरुद्ध अपनी जिम्मेदारी निभाएं और निर्णायक कार्रवाई करें।”
मंत्रालय ने आगे चेतावनी भरे अंदाज में कहा है कि अधिकृत फिलिस्तीन पर कब्जा करने वालों का व्यवहार विकृत पैटर्न को दिखाता है। इसके प्रति उदासीनता अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और मानव सभ्यता को नैतिक पतन और अव्यवस्था के कगार पर धकेल देगी, जिसका असर सब पर पड़ेगा।
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