CLOSE

खामेनेई अब इतिहास के पन्नों से मिट चुके हैं : रजा पहलवी

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

वाशिंगटन, 1 मार्च (khabarwala24)। ईरान के आखिरी शाह के बेटे और निर्वासन में रह रहे रज़ा पहलवी ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई अब “इतिहास के पन्नों से मिट चुके हैं।” उनका कहना है कि इस्लामिक गणराज्य व्यवस्था अब अपने अंत के दौर में पहुंच चुकी है।

ईरान के लोगों के नाम जारी बयान में पहलवी ने खामेनेई को “हमारे समय का खून का प्यासा तानाशाह” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि खामेनेई ने ईरान के हजारों बहादुर बेटों और बेटियों की जान ली है।

पहलवी ने कहा, “उनकी मौत के साथ ही इस्लामिक गणराज्य का प्रभावी तौर पर अंत हो चुका है और बहुत जल्द यह इतिहास की धूल में मिल जाएगा।”

- Advertisement -

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर मौजूदा शासन से जुड़े लोग खामेनेई की जगह किसी नए नेता को बैठाने की कोशिश करेंगे, तो वह कोशिश नाकाम रहेगी। पहलवी के अनुसार, “शुरुआत से ही यह साफ है कि ऐसी हर कोशिश असफल होगी।”

पहलवी ने चेतावनी दी कि सरकार के वफादारों द्वारा उत्तराधिकारी बनाने की कोई भी कोशिश नाकाम होगी। उन्होंने कहा, “सरकार के बचे हुए लोगों द्वारा खामेनेई का उत्तराधिकारी बनाने की कोई भी कोशिश शुरू से ही नाकाम होगी। वे उनकी जगह जिसे भी रखेंगे, उसकी न तो कोई वैधता होगी और बेशक वह भी इस सरकार के अपराधों में शामिल होगा।”

ईरान की सेना, पुलिस और सुरक्षाबलों को संबोधित करते हुए पहलवी ने साफ शब्दों में कहा कि गिरते हुए शासन को बचाने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने सुरक्षा बलों से अपील की कि यह उनके पास आखिरी मौका है कि वे जनता का साथ दें और ईरान को एक स्वतंत्र और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाने में मदद करें।

- Advertisement -

पहलवी ने कहा कि खामेनेई की मौत भले ही न्याय नहीं है और इससे बहा हुआ खून वापस नहीं आएगा, लेकिन इससे शोक मना रहे परिवारों के दुख को कुछ राहत मिल सकती है। उन्होंने उन माता-पिता, पति-पत्नी और बच्चों का जिक्र किया जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।

ईरान की जनता को “सम्मानित और बहादुर” बताते हुए पहलवी ने लोगों से सतर्क रहने और आगे की तैयारी करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यह एक बड़े राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत हो सकती है, लेकिन अभी संघर्ष खत्म नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा, “यह हमारे बड़े नेशनल सेलिब्रेशन की शुरुआत हो सकती है, लेकिन यह सफ़र का अंत नहीं है। सावधान और तैयार रहें। सड़कों पर बड़े पैमाने पर और निर्णायक मौजूदगी का समय बहुत करीब है। साथ मिलकर, एकजुट और मज़बूती से, हम आखिरी जीत हासिल करेंगे, और हम अपने होमलैंड में ईरान की आजादी का जश्न मनाएंगे।”

रज़ा पहलवी ईरान के आखिरी शाह के बेटे हैं और कई दशकों से अमेरिका में निर्वासन का जीवन जी रहे हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने विदेश से ही ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अगर मौका मिला तो वे तेहरान लौटकर एक अंतरिम नेता के रूप में देश को लोकतंत्र की ओर ले जाने में भूमिका निभा सकते हैं।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-