बेंगलुरु, 1 मार्च (khabarwala24)। इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच मध्य पूर्वी देशों में रह रहे कन्नड़ लोगों की सुरक्षा पर कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से हमने ऐसी घटनाएं नहीं देखी हैं। अब देश एक-दूसरे को निशाना बना रहे हैं।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हमें जानकारी मिली है कि कई छात्र, विशेष रूप से चिकबल्लापुर से लगभग 150 छात्र, वहां (मिडिल ईस्ट देशों में) छुट्टियों या काम के लिए गए हैं।”
इजरायल-ईरान संघर्ष पर उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है, जो देशों के बीच संबंधों से जुड़ा है। कुछ देशों की नीतियां एक-दूसरे से लंबे समय से आलोचनात्मक रही हैं। अब स्थिति और बढ़ गई है, जिसमें ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल शामिल हैं। हमें यह देखना होगा कि क्या इसका हल होता है या और बढ़ता है।
वहीं, बेंगलुरु में रह रहे इंडो-ईरान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईआईसीसीआई) के सैयद हकीम रजा ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने khabarwala24 से बातचीत में कहा, “उन्हें (खामेनेई) शहादत मिल गई है। शहादत एक प्रोसेस है, यह इस दुनिया से दूसरी दुनिया में जाना है। इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारे लिए, यह एक इनाम है।”
उन्होंने आगे कहा, “वह (खामेनेई) पहले ही 86 साल के हो चुके थे। वह बूढ़े हो गए थे। हर इंसान को एक दिन मरना ही है। शहादत से बड़ा कुछ नहीं है।”
बता दें कि इजरायल ने शनिवार को ईरान पर हमले किए, जिसके बाद इस संघर्ष की शुरुआत हुई। इजरायल के साथ अमेरिका भी लड़ाई में शामिल हुआ है। इन हमलों के बाद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई देशों में हमले किए, जिसमें यूएई भी शामिल है। हालांकि, इजरायली हमलों के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के माने जाने की खबर है।
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