भारत में यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत पर रूस का बड़ा बयान, दूतावास की भूमिका पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 22 मार्च (khabarwala24)। भारत की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 13 मार्च को नई दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया था। छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी मामले पर रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।रूसी […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

नई दिल्ली, 22 मार्च (khabarwala24)। भारत की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 13 मार्च को नई दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया था। छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी मामले पर रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, “ये लोग म्यांमार सीमा पार कर मिजोरम में दाखिल हुए थे और स्थानीय हथियारबंद जातीय समूहों के साथ संपर्क बनाए, ताकि उन्हें ईयू में बने ड्रोन सप्लाई किए जा सकें और उन्हें ड्रोन असेंबल-रिपेयर करने और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर करने की ट्रेनिंग दी जा सके। भारतीय मीडिया ने एनआईए के हवाले से कहा कि ये हथियारबंद समूहों ने उत्तर-पूर्वी भारत में विद्रोहियों के साथ संबंध बनाए हुए हैं।”

- Advertisement -

भारत में यूक्रेनी दूतावास को घेरते हुए उन्होंने कहा, “भारत में यूक्रेनी दूतावास की प्रतिक्रिया काफी हैरान करने वाली थी, क्योंकिउसने इस घटना को छिपाने और अपने नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियों को, जो साफ तौर पर इलाके में हालात को अस्थिर करने के लिए बनाई गई थीं, छिपाने की कोशिश की। यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों द्वारा भारत के काउंटर-टेररिज्म कानून के उल्लंघन पर चुप रहना चुना और बिना समय बर्बाद किए “कुछ भारतीय और रूसी न्यूज एजेंसियों” पर जानबूझकर तथ्यों को गलत साबित करने का आरोप लगाया।”

यूक्रेनी राष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि इस घटना से साफ पता चलता है कि जेलेंस्की का शासन दुनियाभर में अस्थिरता का मुख्य निर्यातक है। रूस ने नाटो और ईयू द्वारा यूक्रेन के बड़े पैमाने पर मिलिट्रीकरण से जुड़े खतरों के बारे में बार-बार चेतावनी दी है। उसे सप्लाई किए गए हथियारों का ठीक से हिसाब नहीं है और वे कहीं भी सामने आ सकते हैं। आज, कीव ग्लोबल ब्लैक मार्केट में हथियारों और मिलिट्री टेक्नोलॉजी का एक बड़ा सप्लायर है, जिसमें लैटिन अमेरिकी ड्रग कार्टेल को मिलिट्री प्रोडक्ट सप्लाई करना और अफ्रीका में आतंकवादियों को ट्रेनिंग देना शामिल है। पश्चिमी देशों का बनाया यूक्रेनी जाल मिडिल ईस्ट, साउथ एशिया और साउथईस्ट एशिया में क्षेत्रीय झगड़ों तक पहुंच रहा है।

मारिया जखारोवा ने कहा, “कुछ ही दिन पहले जेलेंस्की ने खुलेआम कहा था कि कई सौ यूक्रेनी लड़ाकों को फारस की खाड़ी इलाके में चल रहे झगड़े में हिस्सा लेने के लिए इंस्ट्रक्टर और अनमैन्ड एरियल व्हीकल इस्तेमाल करने में माहिर एक्सपर्ट्स के तौर पर तैनात किया गया है। बेशक, यूक्रेन के सैन्य टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट पर इंटरनेशनल निगरानी लागू करने का सवाल ही नहीं उठता।”

- Advertisement -

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News