न्यूयॉर्क, 21 दिसंबर (khabarwala24)। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर ने रविवार को कहा कि ध्यान दुनिया भर के समाजों के सामने बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का एक सिद्ध समाधान प्रदान करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ध्यान, आंतरिक शांति और बेहतर संचार व्यक्तिगत संकट और वैश्विक संघर्ष दोनों को हल करने के लिए आवश्यक हैं।
श्री श्री रवि शंकर ने khabarwala24 से बातचीत के दौरान कहा, “आज पूरी दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, और मानसिक स्वास्थ्य उनमें से एक गंभीर चुनौती है।”
विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर न्यूयॉर्क शहर में आयोजित ध्यान सत्र के बाद उन्होंने कहा, “इसलिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान ध्यान में ही निहित है।”
उन्होंने आधुनिक समाजों में बढ़ती चिंता, अकेलेपन और विभिन्न सामाजिक दबावों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “चिंता, अकेलापन और कई अन्य सामाजिक चुनौतियां आज हमारे समाज के सामने हैं।” उन्होंने आगे कहा, “ध्यान निःसंदेह इन सभी का समाधान सिद्ध कर चुका है।”
उन्होंने कहा, “हमें महिलाओं को सशक्त बनाना होगा। हमें अपने समाज के गरीब वर्गों को सशक्त बनाना होगा।”
उन्होंने भविष्य को आकार देने में मूल्यों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि “करुणा, प्रतिबद्धता और जीवन के संदर्भ को जगाना आवश्यक है।”
विश्व भर में चल रहे संघर्षों को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि युद्ध और विवाद युद्धक्षेत्रों में नहीं, बल्कि मानव मन में उत्पन्न होते हैं। उन्होंने कहा, “संघर्ष लोगों के दिमाग में, लोगों के मन में पनपते हैं।” उनके अनुसार, जब निर्णय लेने वाले शांत और स्पष्ट रहते हैं, तो शांति के मार्ग दिखाई देने लगते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि संवाद में रुकावट अक्सर सीधे हिंसा की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा, “जब संचार टूटता है, तभी संघर्ष शुरू होते हैं।”
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


