न्यूयॉर्क, 4 जनवरी (khabarwala24)। वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को अमेरिका के न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन पर नार्को-टेररिज्म के आरोपों में फेडरल कोर्ट में ट्रायल का सामना करना होगा। मार्को को अमेरिकी डेल्टा फोर्स के कमांडो ने पकड़ा था।
मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस शनिवार को स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतरे। वहां से दोनों को हेलीकॉप्टर से मैनहैटन के एक हेलीपैड पर ले जाया गया, जो फेडरल ऑफिस और कोर्ट के पास है। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें ले जाया गया। उनको सबसे पहले प्रोसेसिंग के लिए ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी के ऑफिस जाना पड़ सकता है।
इसके बाद मादुरो को ब्रुकलिन की कुख्यात फेडरल जेल मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर में रखा जाएगा, जहां वे मुकदमे का इंतजार करेंगे। मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित था। सोमवार को शुरुआती सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश होने की उम्मीद है।
इससे पहले, शनिवार दोपहर जब विमान उतरा, तो एफबीआई एजेंटों ने पूरे विमान को घेर लिया और मादुरो दंपति को तुरंत अपने साथ ले गए।
यह पूरी कार्रवाई ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ के तहत की गई। शनिवार तड़के मादुरो को वेनेजुएला के सैन्य अड्डे फुएर्टे ट्यूना से पकड़ा गया, जहां वे छिपे हुए थे। वहां से उन्हें अमेरिकी नौसेना के जहाज इवो जिमा पर ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार इस अभियान में 150 से ज्यादा विमान शामिल थे।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल के अनुसार मादुरो और उनकी पत्नी पर नार्को-टेररिज्म, कोकीन आयात करने की साजिश और हथियारों के कब्जे का आरोप है। साल 2020 में दायर आरोपों में उन पर ड्रग गिरोह ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ का नेतृत्व करने का भी आरोप है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि मुकदमा न्यूयॉर्क से मियामी भी भेजा जा सकता है, जहां अमेरिका में रहने वाले वेनेजुएला वासियों की बड़ी संख्या है। मादुरो की गिरफ्तारी की खबर पर वहां खुशी का माहौल देखा गया।
ट्रंप ने कहा कि न्यूयॉर्क, मियामी या फ्लोरिडा के किसी अन्य स्थान पर मुकदमा चलाने का फैसला किया जाएगा। उन्होंने इस गिरफ्तारी को ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई बताया है, ताकि इसे एक सामान्य कानून-व्यवस्था की कार्रवाई के रूप में दिखाया जा सके।
फिलहाल मादुरो की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अपने पद पर बनी रहेंगी। ट्रंप ने कहा, “वह मूल रूप से वही करने को तैयार हैं जो हमें लगता है कि वेनेजुएला को फिर से महान बनाने के लिए ज़रूरी है।” हालांकि, रोड्रिगेज ने कड़ा जवाब देते हुए अमेरिका पर आक्रामकता का आरोप लगाया और कहा कि यह सत्ता परिवर्तन की साजिश है, ताकि वेनेजुएला के तेल, खनिज और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा किया जा सके। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति केवल निकोलस मादुरो ही हैं।
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरिम सरकार और उसके नेताओं के बारे में फैसला उनके आने वाले कदमों को देखकर किया जाएगा।
इसी बीच ट्रंप के कुछ बयानों ने स्थिति को और उलझा दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका देश को सही तरीके से चलाएगा और इससे बहुत पैसा कमाया जाएगा। इसे वेनेजुएला के तेल संसाधनों से जोड़कर देखा जा रहा है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने 25 साल तक ड्रग तस्करी का नेटवर्क चलाया। आरोप है कि वे एक भ्रष्ट और अवैध सरकार के शीर्ष पर बैठे थे, जो लंबे समय से अवैध गतिविधियों को संरक्षण देती रही।
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