ढाका, 27 दिसंबर (khabarwala24)। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान (बीएनपी के एक्टिंग चेयरमैन) ने शनिवार को वोटर रजिस्ट्रेशन और एनआईडी संबंधी औपचारिकताएं पूरी कीं। 17 साल निर्वासन में रहने के बाद उनकी वतन वापसी हुई है। इस बीच, अवामी लीग ने इस प्रक्रिया को ‘विशेष छूट’ बताते हुए कानूनी उल्लंघनों और असमानता का आरोप लगाया है, खासकर 2026 चुनावों के संदर्भ में जहां अवामी लीग बैन है।
लंदन से लौटने के 2 दिन बाद यानी शनिवार सुबह रहमान, चरमपंथी युवा नेता उस्मान हादी की कब्र पर पहुंचे।
बंगाली अखबार प्रथोम आलो के अनुसार, हादी की कब्र से लौट वो सीधे पार्टी समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ ढाका स्थित निर्वाचन आयोग के दफ्तर पहुंचे। यहीं उन्होंने राष्ट्रीय पहचान पत्र में बतौर वोटर पंजीकरण कराया।
बांग्लादेश इलेक्शन कमीशन (ईसी) में नेशनल आइडेंटिटी रजिस्ट्रेशन विंग के डायरेक्टर जनरल एएसएम हुमायूं कबीर के मुताबिक, रहमान को वोटर रजिस्ट्रेशन पूरा करने के 24 घंटे के भीतर एनआईडी मिल सकता है।
बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट यूएनबी ने कबीर के हवाले से कहा, “तारिक रहमान ने पहले ही ऑनलाइन फॉर्म भर दिया है और अपने फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतली का स्कैन देकर रजिस्ट्रेशन पूरा करने आए। सॉफ्टवेयर मौजूदा रिकॉर्ड के मुकाबले उनकी जानकारी को अपने आप वेरिफाई कर देगा। अगर कोई मैच नहीं मिलता है, तो एनआईडी नंबर 5 से 24 घंटे के अंदर जेनरेट हो जाएगा।” यह बात ढाका में ईसी के राष्ट्रीय पहचान विभाग में पत्रकारों से बात करते हुए कही गई।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि रहमान फरवरी 2026 का चुनाव बोगरा जिले के सदर चुनाव क्षेत्र से उम्मीदवार के तौर पर लड़ेंगे, जो उनके परिवार का गढ़ रहा है। स्थानीय बीएनपी नेताओं ने पहले ही उनका नामांकन पत्र ले लिया था।
इस बीच, अवामी लीग ने इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेशी कानून के तहत, चुनावों की घोषणा के बाद नया वोटर रजिस्ट्रेशन कानूनी तौर पर स्वीकार्य नहीं है। पार्टी ने वोटर पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
पार्टी ने सरकारी छुट्टी के दिन प्रक्रिया पूरी कराने पर भी हैरानी जाहिर की। शनिवार को कार्यालय बंद रहते हैं। पार्टी की ओर से पूछा गया कि कानून का पालन कैसे किया गया और किसके कहने पर यह किया गया?
अवामी लीग के मुताबिक, ये घटनाएं अलग-थलग नहीं हैं, बल्कि एक पैटर्न को दर्शाती हैं, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या रहमान के लिए अलग नियम लागू किए जा रहे हैं।
रहमान की बांग्लादेश वापसी ऐसे समय में हुई है जब ईसी ने 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के साथ जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह के लिए अगले साल की तारीख (12 फरवरी) तय की है।
विश्लेषकों का मानना है कि रहमान की वापसी मुहम्मद यूनुस की गिरती साख से जुड़ी है। देश के हालात संवेदनशील हैं और उन पर स्वतंत्र, निष्पक्ष और भरोसेमंद चुनाव कराने का दबाव है। दुनिया बांग्लादेश में मची उथल-पुथल को देख रही है और अंतरिम सरकार को गंभीरता से मामले को सुलझाने की सलाह भी दे रही है।
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