सिडनी, 21 दिसंबर (khabarwala24)। ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच पर पिछले सप्ताह हुए आतंकी हमले के पीड़ितों की याद में आयोजित शोक सभा में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को भीड़ की ओर से जोरदार हूटिंग का सामना करना पड़ा, जबकि न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स को स्टैंडिंग ओवेशन और चीयर मिला। यह सभा ‘लाइट ओवर डार्कनेस’ नाम से आयोजित की गई थी, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए और एक मिनट का मौन रखा गया।
‘द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड’ के अनुसार, हमले वाली जगह पर अल्बनीज का स्वागत हूटिंग और “शर्म करो” के नारों से हुआ। यहूदी-विरोध का मुकाबला ठीक से न करने के लिए प्रधानमंत्री को लंबे समय से आलोचना का शिकार होना पड़ा है।
14 दिसंबर 2025 को बोंडी बीच पर हनुक्का के पहले दिन जश्न मना रहे लोगों पर दो बंदूकधारियों ने गोलियां बरसाई थीं। इस आतंकी हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 40 से अधिक घायल हुए थे। यह खासतौर पर यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया था।
हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा की समीक्षा शुरू की गई है, और यहूदी नेताओं ने एंटी-सेमिटिज्म (यहूदियों के खिलाफ नफरत) की जांच के लिए रॉयल कमीशन की मांग की। प्रीमियर मिन्स ने सभा में माफी मांगते हुए कहा, “हम गहराई से दुखी हैं। हम सहमत हैं कि सरकार का सबसे बड़ा कर्तव्य नागरिकों की रक्षा करना है, और हमने एक सप्ताह पहले ऐसा नहीं किया।” उन्होंने एंटी-सेमिटिज्म के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई और कहा कि यहूदियों को अकेले इससे लड़ना नहीं चाहिए।
प्रधानमंत्री अल्बनीज अपनी पत्नी, जोडी हेडन, उप-प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स और गृह मंत्री टोनी बर्क के साथ पहुंचे। उनकी उपस्थिति पर भीड़ के कुछ हिस्सों से जोरदार हूटिंग हुई, जो उनके स्वागत के दौरान भी जारी रही। एनएसडब्ल्यू ज्यूइश बोर्ड ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष डेविड ओसिप ने उन्हें स्वागत करते हुए भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन हूटिंग नहीं रुकी।
इसके विपरीत, प्रीमियर क्रिस मिन्स का स्वागत तालियों और स्टैंडिंग ओवेशन से हुआ। ओसिप ने उन्हें “यहूदी समुदाय के साथ हर मौके पर मौजूद रहने वाले” के रूप में सराहा। मिन्स ने अपने भाषण में कहा, “दोस्तों, बोंडी आज खूबसूरत है… आपके अवज्ञा, प्रतिरोध और संकल्प के साथ, आपने आतंकवादियों को कहा है कि हम कहीं नहीं जा रहे!” उन्होंने समुदाय की बहादुरी की प्रशंसा की और कहा कि यह हमला डराने की कोशिश थी, लेकिन समुदाय ने इसे हराया।
सभा में एनएसडब्ल्यू विपक्ष की नेता केली स्लोएन को भी “हीरो” कहा गया, क्योंकि उन्होंने हमले के दौरान घायलों की मदद की थी।
एबीसी मीडिया हाउस के मुताबिक, सभा में पीड़ितों के नाम प्रदर्शित किए गए, और हनुक्का की आखिरी रात पर मेनोरा जलाया गया। रब्बी योसी शुचाट ने कहा कि रोशनी अंधेरे पर विजय प्राप्त करती है। समुदाय ने पारंपरिक गीत गाए और ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रगान बजाया। हजारों लोगों की भीड़ ने एक मिनट का मौन रखा।
शोक सभा में स्टेज पर एक वायलिन वादक की भावुक धुन के बीच एक बड़ी स्क्रीन पर आतंकी हमले में मारे गए 15 पीड़ितों के नाम फ्लैश किए गए।
सिडनी के हाइड पार्क और मेलबर्न में भी इसी तरह की सभाएं हुईं, जहां विभिन्न धर्मों के नेता एकजुट हुए। मेलबर्न में प्रीमियर जैसिंटा एलन को कुछ हूटिंग मिली, जबकि विपक्षी नेता जेस विल्सन को चीयर। किंग चार्ल्स ने हमले पर सदमा जताया।
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