Khabarwala24 News: वृंदावन (Vrindavan) के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) ने मध्य प्रदेश के इटारसी निवासी आरिफ खान चिश्ती (Arif Khan Chishty) की किडनी दान करने की पेशकश को विनम्रता से ठुकरा दिया है। महाराज के सहायक प्रतीक ने बताया कि आरिफ की उदारता और सांप्रदायिक सद्भाव की भावना ने महाराज का दिल जीत लिया, लेकिन वह उनकी किडनी स्वीकार नहीं कर सकते। यह घटना मानवता और भाईचारे का अनोखा उदाहरण बन गई है।
आरिफ खान ने दिखाई मानवता की मिसाल
इटारसी की न्यास कॉलोनी के रहने वाले आरिफ खान चिश्ती ने 20 अगस्त को प्रेमानंद महाराज को पत्र लिखकर अपनी किडनी दान करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कलेक्टर सोनिया मीणा के माध्यम से पत्र भेजा और ईमेल व व्हाट्सएप के जरिए भी संदेश पहुंचाया। आरिफ ने लिखा, “प्रेमानंद महाराज हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं। वह समाज में प्रेम और शांति का संदेश फैलाते हैं। मुझे पता चला कि उनकी दोनों किडनी खराब हो गई हैं, इसलिए मैं अपनी एक किडनी दान करना चाहता हूं।”
प्रेमानंद महाराज की सेहत और बीमारी
प्रेमानंद महाराज ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (ADPKD) से पीड़ित हैं, जिसके कारण उनकी दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं। इस गंभीर बीमारी के बावजूद, महाराज अपनी सकारात्मक सोच और आध्यात्मिकता से लोगों को प्रेरित करते रहते हैं।
वृंदावन (Vrindavan) में होगी मुलाकात
महाराज के सहायक प्रतीक ने आरिफ को फोन कर बताया कि उनका संदेश महाराज तक पहुंच गया है। प्रतीक ने कहा, “महाराज को आरिफ की भावना बहुत पसंद आई। ऐसी सोच हर इंसान में होनी चाहिए।” साथ ही, प्रतीक ने आरिफ को वृंदावन बुलाने की बात कही, जहां महाराज उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते हैं।
सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश
यह घटना समाज में प्रेम, एकता और मानवता का संदेश दे रही है। आरिफ खान की पेशकश और प्रेमानंद महाराज का जवाब दोनों ही सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने का प्रेरणादायक उदाहरण है।
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