Khabarwala 24 New Rampur: UP News उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में NEET की तैयारी कर रहे 19 वर्षीय छात्र दीपक गुप्ता की क्रूर हत्या के मामले में फरार मुख्य आरोपी और कुख्यात पशु तस्कर जुबैर कुरैशी (उर्फ कालिया) को यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शुक्रवार देर रात रामपुर के गंज थाना क्षेत्र में एनकाउंटर में मार गिराया। एक लाख रुपये के इनामी इस हिस्ट्रीशीटर पर 18 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे, जिनमें हत्या, गौहत्या, पुलिस पर हमला और गैंगस्टर एक्ट जैसे अपराध शामिल हैं। पुलिस ने उसके शव को रामपुर जिला अस्पताल भेज दिया है, जबकि घटना में दो पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए।
घटना का पूरा घटनाक्रम: कैसे हुआ था दीपक का अपहरण और हत्या? (UP News)
15-16 सितंबर की रात गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के धूषण महुआ चापी जंगल इलाके में तीन डीसीएम वाहनों से पशु तस्कर गांव पहुंचे थे। वे मवेशियों को खूंटों से खोलकर ले जा रहे थे। गांववालों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी हंगामे में NEET छात्र दीपक गुप्ता भी तस्करों के पीछे दौड़े और उन्हें रोकने की कोशिश की। तस्करों ने दीपक को पकड़ लिया, जबरन एक डीसीएम में बिठाया और करीब एक घंटे तक जंगल में घुमाया। फिर उसे गाड़ी से बाहर फेंक दिया, जिससे सिर पर गंभीर चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तस्करों ने शव को उसके घर से चार किलोमीटर दूर जंगल में फेंक दिया था।
एक लाख का इनाम किया घोषित (UP News)
गुस्साए ग्रामीणों ने तस्करों की एक डीसीएम को आग लगा दी। बाकी तस्कर दूसरे वाहनों से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच धक्कामुक्की हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। गोरखपुर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और मुख्य आरोपी के रूप में जुबैर का नाम सामने आया, जो रामपुर शहर कोतवाली के घेर मर्दान खां मुहल्ला का निवासी था। उसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया।
जुबैर का आपराधिक इतिहास: 8 साल से पशु तस्करी का सरगना (UP News)
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 30 वर्षीय जुबैर कुरैशी पिछले 8 सालों से पशु तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। वह हिस्ट्रीशीटर नंबर 70B के रूप में जाना जाता था। इस साल अप्रैल में बलरामपुर के तुलसीपुर थाना क्षेत्र में गोवंशीय पशु लादे एक वाहन को रोकने पर उसने और उसके साथियों ने पुलिस पर हमला किया था। इस हमले में हेड कांस्टेबल मनीष कुमार के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद बलरामपुर पुलिस ने उसके सिर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। बाद में शहजादनगर बाईपास पर STF और स्थानीय पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल होकर जेल गया। जमानत पर रिहा होते ही उसने गोरखपुर हत्याकांड को अंजाम दिया।
फायरिंग में जुबैर ढेर (UP News)
शुक्रवार देर रात STF को गुप्त सूचना मिली कि जुबैर गंज थाना क्षेत्र के चाकू चौक से मंडी की ओर जा रहा है। STF और गंज थाना पुलिस ने उसे घेर लिया और सरेंडर करने को कहा। लेकिन जुबैर ने देखते ही गोलीबारी शुरू कर दी। बचाव में STF और पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें जुबैर को गोली लग गई। उसे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। घटनास्थल से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए, जिनका इलाज चल रहा है।
एक एनकाउंटर में घायल, बाकी गिरफ्तार (UP News)
गोरखपुर हत्याकांड में जुबैर के अलावा अन्य आरोपी भी थे। सह-आरोपी रहीम एनकाउंटर में घायल होकर गिरफ्तार हो चुका है। अजब हुसैन को ग्रामीणों ने पकड़कर घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया। छोटू और राजू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई (UP News)
रामपुर के एसपी विद्या सागर मिश्रा ने बताया, “गोरखपुर हत्याकांड के मुख्य आरोपी जुबैर के साथ STF और गंज पुलिस की मुठभेड़ में वह गोली लगने से ढेर हो गया। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। यह कार्रवाई अपराधियों को सबक सिखाने के लिए की गई है।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दीपक के परिजनों से मुलाकात की थी और न्याय का आश्वासन दिया था। STF अब जुबैर के साथियों की तलाश में जुटी हुई है।
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