Khabarwala 24 News Lucknow: UP News उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और इसके आसपास के आठ जिलों में पटाखों के निर्माण, भंडारण, और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। इस प्रतिबंध के दायरे में नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, शामली, और मुजफ्फरनगर जैसे जिले शामिल हैं। यह कदम विशेष रूप से दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए उठाया गया है, जब पटाखों का उपयोग वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
कानूनी कार्रवाई और दंड का प्रावधान (UP News)
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा-15 के तहत उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था को दंडित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि नियम तोड़ने वालों को पांच साल तक की जेल, एक लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों सजाएं दी जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति सजा के बाद भी आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसे प्रतिदिन पांच हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना देना पड़ सकता है। यह कदम न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को भी रेखांकित करता है।
पुलिस और प्रशासन की सक्रियता (UP News)
उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए सभी संबंधित जिलों में निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रतिबंध का पालन करें और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज करें। शिकायत दर्ज करने के लिए यूपी-112 हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppcb.up.gov.in पर भी उल्लंघन की सूचना दी जा सकती है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन पटाखों की बिक्री भी इस प्रतिबंध के दायरे में आती है, और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समान कार्रवाई होगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील (UP News)
प्रशासन ने नागरिकों से इस पर्यावरणीय पहल में सहयोग करने की अपील की है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए यह प्रतिबंध न केवल पर्यावरण की रक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। खासकर एनसीआर क्षेत्र में, जहां वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या है, इस तरह के कदम दीर्घकालिक लाभ प्रदान कर सकते हैं। सरकार और पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे वैकल्पिक तरीकों से त्योहार मनाएं और पटाखों के उपयोग से बचें।
प्रदूषण नियंत्रण और जागरूकता (UP News)
यह प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट के उन दिशानिर्देशों का हिस्सा है, जो वायु प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर देते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम न केवल कानूनी रूप से बाध्यकारी है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने में भी मदद करेगा। लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और हरित त्योहारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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