खबरwala24 न्यूज, हापुड़
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर शिक्षकों ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च निकालकर कैशलेस चिकित्सा, बीमा, पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई। सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। मांगों का समय से निस्तारण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
महासंघ के जिला अध्यक्ष अशोक कश्यप व कार्यकारी जिला अध्यक्ष विजय कुमार त्यागी ने कहा कि परिषदीय शिक्षकों/शिक्षामित्रों/अनुदेशकों को सशुल्क कैशलेस चिकित्सा बीमा योजना देना एक धोखा है। पूरे प्रदेश में सरकार द्वारा दी जा रही इस सशुल्क चिकित्सा बीमा योजना का सभी जनपदों में विरोध किया जा रहा है। चुनाव से पहले राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा ट्विटर द्वारा निशुल्क कैशलेस चिकित्सा की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री द्वारा सभी कर्मचारियों को चिकित्सा बीमा योजना का लाभ दिए जाने का वादा किया गया था। लेकिन चुनाव हो जाने के बाद अभी तक परिषदीय शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा बीमा योजना नहीं मिली है, जबकि राज्य कर्मचारियों को उन्होंने पांच लाख का चिकित्सीय बीमा योजना का लाभ दे दिया है।
इस सौतेले व्यवहार से सभी शिक्षकों में नाराजगी है रोष व्याप्त है और अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
संगठन मंत्री मोहर सिंह ने कहा कि शिक्षक विद्यालय में शिक्षण कार्य के साथ-साथ गैर सरकारी कार्यों में भी अपना सहयोग देता है फिर भी उसे इसे बीमा योजना का भुगतान क्यों करना पड़े।
संयुक्त महामंत्री आदर्श गोयल ने इसे शिक्षकों के आत्मसम्मान से जोड़ते हुए सशुल्क चिकित्सा बीमा योजना का विरोध किया। विरोध करने वालों में महामंत्री अंशु सिद्धू, डॉ.रेणु देवी, सुमन लता, रेनू रानी, रीता भाटी, निशा भीलवाड़ा, सीमा सोलंकी, सुधा, राजकुमार शर्मा, अकील मलिक, मंत्री मनवीर, कोषाध्यक्ष संजय सक्सेना, अरुण सिसौदिया, रवि भूषण, कैलाश, मुकेश शर्मा, टेकचंद मौजूद रहे।


