Kahabarwala 24 News Hapur: यूपी के जनपद हापुड़ (Hapur) में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल, हापुड़ ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत व्यापारियों को हो रही समस्याओं को लेकर एक विस्तृत 17 सूत्री ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को संबोधित करते हुए स्थानीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी को सौंपा गया। व्यापारियों ने अधिनियम के सख्त प्रावधानों से उत्पन्न कठिनाइयों के समाधान के लिए त्वरित और प्रभावी बदलाव की मांग की है।
व्यापारियों की समस्याएं और मांगें (Hapur)
उद्योग व्यापार मण्डल ने कहा कि FSSAI के नियम छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए अनावश्यक रूप से जटिल हैं, जिससे उत्पीड़न और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। ज्ञापन में 17 मांगें शामिल हैं, जो लाइसेंसिंग, सैंपलिंग, जुर्माने, और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार पर केंद्रित हैं। ये मांगें महंगाई, ऑनलाइन व्यापार, और कृषि में बदलते मानकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
क्या क्या हैं प्रमुख मांगें (Hapur)
पूर्णकालिक न्याय निर्णायक अधिकारी:
प्रशासनिक अधिकारियों (जैसे अपर जिला मजिस्ट्रेट) की व्यस्तता के कारण न्याय में देरी होती है। पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति से शीघ्र और निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित होंगे।
शमन शुल्क व्यवस्था:
धारा-69 के तहत मामूली उल्लंघनों को शमन शुल्क से समाप्त किया जाए, ताकि अनावश्यक मुकदमों का बोझ कम हो।
टर्नओवर सीमा बढ़ाएं:
रजिस्ट्रेशन के लिए 12 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर 40 लाख किया जाए, जो महंगाई के अनुरूप हो।
लाइसेंस न होने की सजा हटाएं:
जुर्माना लाइसेंस फीस का दोगुना तक सीमित हो, सजा का प्रावधान समाप्त हो।
रिटेलर को राहत:
पैकिंग में कमी के लिए केवल निर्माता कंपनी को दंडित करें, रिटेलर/थोक व्यापारी को नहीं।
ऑनलाइन डिलीवरी के लिए लाइसेंस:
ऑनलाइन फूड चेन और डिलीवरी कर्मियों के लिए FSSAI रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो।
ऑनलाइन फूड चेन की सैंपलिंग:
मल्टी-नेशनल कंपनियों और फूड चेन की नियमित सैंपलिंग सुनिश्चित हो।
एकल रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी:
प्रत्येक जिले में एक ही रजिस्ट्रेशन अधिकारी हो, जिसे फील्ड कार्य से मुक्त रखा जाए।
सैंपलिंग में पारदर्शिता:
सैंपल लेते समय फॉर्म-5ए भरकर व्यापारी को दें और सामान का भुगतान करें।
व्यापार मण्डल की भागीदारी:
सैंपलिंग में व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों को शामिल करें, ताकि उत्पीड़न और अवैध वसूली रुके।
सैंपलिंग टारगेट खत्म:
25 सैंपल का टारगेट हटाया जाए, केवल पुख्ता मिलावट की शिकायत पर सैंपलिंग हो।
फर्जी शिकायतों पर रोक:
शिकायतकर्ता की सत्यता जांच के बाद ही सैंपलिंग हो।
एकल जांच व्यवस्था:
केंद्र और राज्य की दोहरी जांच बंद हो, एक देश-एक कानून लागू हो।
खाद्य मानकों का अपडेट:
कृषि में कीटनाशक/रसायन मानक तय हों, तब तक सैंपलिंग न हो।
रिटर्न और जुर्माना राहत:
5 करोड़ तक टर्नओवर वाले निर्माताओं से सालाना/छमाही रिटर्न हटें, पुराना जुर्माना माफ हो।
NABL लैब दोहरी जांच पर रोक:
लैब रिपोर्ट अपलोड के बाद सैंपलिंग न हो।
FSSAI अपील ट्रिब्यूनल:
धारा-70 के तहत विशेष अपील ट्रिब्यूनल बनाया जाए।
व्यापारियों की अपील और प्रभाव (Hapur)
ज्ञापन सौंपते हुए व्यापार मण्डल ने कहा कि ये सुधार व्यापारियों को राहत देने के साथ-साथ उपभोक्ता सुरक्षा को भी मजबूत करेंगे। स्थानीय व्यापारी समुदाय ने इस पहल का स्वागत किया है, क्योंकि FSSAI के सख्त नियम छोटे व्यापारियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। व्यापार मण्डल ने FSSAI से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि व्यापार सुगम हो और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे।


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