Khabarwala 24 News Hapur: उत्तर प्रदेश के हापुड़ (Hapur)जिले में भक्ति की लहर उमड़ी, जब ‘बाबा वाले हैं’ ग्रुप ने चंडी रोड स्थित महावीर दल में श्री बालाजी महाराज का भावपूर्ण संकीर्तन का आयोजन किया। इस पावन कार्यक्रम में सैकड़ों भक्तों ने बालाजी महाराज के गुणगान में डूबकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। गुरुदेव सुशांत तोमर के मार्गदर्शन में हुआ यह संकीर्तन आत्मशुद्धि और जीवन के सत्य की याद दिलाने वाला साबित हुआ। उमेश अग्रवाल (डेरी वाले) ने बताया कि यह आयोजन बालाजी महाराज के प्रति समर्पण का प्रतीक है, जहां भक्त दूर-दूर से आकर दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।
गुरुदेव के प्रवचनों में छिपा जीवन का सार(Hapur)
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुदेव सुशांत तोमर द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। उनके प्रवचनों ने भक्तों को जीवन के गहन सत्य से जोड़ा। गुरुदेव ने कहा, “दुनिया में सदा अच्छे और बुरे लोग रहे हैं, हैं और रहेंगे। एक अच्छा जाएगा तो दूसरा आएगा, एक बुरा जाएगा तो दूसरा आएगा। इसलिए हमें हर जगह, हर परिस्थिति में सतर्क रहना चाहिए। गुरु का साथ निरंतर रहने से ही आत्मा की शुद्धि होती है।” इन अमृतवाणी ने भक्तों के हृदय को छू लिया, और सभी ने बालाजी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
भजनों पर झूमे भक्त, भक्ति का संगम(Hapur)
संकीर्तन के दौरान बालाजी महाराज के भजनों जैसे “बाबा तू मेरी जान है”, “बालाजी आज तेरा संकीर्तन”, “हनुमान जन्म हुआ रे” और “बालाजी महाराज मेरे घर आना” पर भक्त मंत्रमुग्ध होकर नृत्य करने लगे। हॉल में भक्ति का ऐसा जोश छा गया कि दूर-दूर से आए श्रद्धालु एक-दूसरे के साथ झूम उठे। यह दृश्य देखकर लग रहा था मानो बालाजी महाराज स्वयं उपस्थित हों। कार्यक्रम में प्रसाद वितरण के साथ समापन हुआ, जहां सभी ने आह्लादित मन से ग्रहण किया।
दूर-दूर से उमड़े भक्त(Hapur)
इस संकीर्तन में हापुड़ के अलावा बरेली, मुरादाबाद, बृजघाट, मेरठ, जयपुर, दिल्ली, खुर्जा, बुलंदशहर, गुलाबटी, देवभूमि, सपनावत, समाना गांव जैसे स्थानों से भक्त पहुंचे। प्रमुख उपस्थित भक्तजनों में सुंदरलाल, राजू (मंत्री), मनोज, सतवीर, निखिल, विक्की, उमेश अग्रवाल, नितिन उर्फ मोनू गुप्ता, कृष्णा, सुमन देवी, कामिनी, डिम्पल, शिवा, मुन्नी देवी और आशा देवी शामिल रहे। सभी ने बालाजी महाराज के चरणों में शीश नवाकर आशीष प्राप्त किया।
आध्यात्मिक महत्व और संदेश (Hapur)
यह संकीर्तन न केवल भक्ति का माध्यम बना, बल्कि गुरु भक्ति और आत्मशुद्धि का संदेश भी दे गया। गुरुदेव सुशांत तोमर के अनुसार, जीवन में सतर्कता और गुरु मार्गदर्शन ही सच्ची शांति का आधार है। हापुड़ में ऐसे आयोजन भक्ति की ज्योत जलाने का काम करते हैं, जो समाज को एकजुट करते हैं। भक्तों ने कहा कि बालाजी महाराज के दर्शन से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, और यह संकीर्तन उनके लिए अमूल्य स्मृति बन गया।


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