Khabarwala 24 News Hapur: हापुड़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। आरोपी फर्जी प्रोफाइल बनाकर हैंडीक्राफ्ट और टेंट डेकोरेशन का सामान सस्ते दामों पर बेचने का झांसा देता था और एडवांस के नाम पर लोगों से पैसे हड़प लेता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया है, जबकि इस गिरोह से जुड़ी अन्य अहम जानकारी भी सामने आई है।
साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने शुरू की थी जांच (Hapur)
एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 4सी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के तहत समंवय/प्रतिबिंब पोर्टल पर लंबित साइबर शिकायतों की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आए, जिनका गहनता से विश्लेषण किया गया। इसके बाद पता चला कि बिहार के मुजफ्फरपुर और गुजरात के गांधीनगर के दो व्यक्तियों से ऑनलाइन ठगी की गई थी।
ठगी के दो बड़े मामले सामने आए (Hapur)
बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी जितेंद्र कुमार से करीब 82 हजार रुपये और गुजरात के गांधीनगर के राणा सूरजसिंह से 96,700 रुपये की ठगी की गई थी। दोनों मामलों में आरोपी ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर टेंट और डेकोरेशन सामान सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराने का वादा किया था। लेकिन, जब रकम भेजी गई, तो न तो सामान भेजा गया और न ही पैसे वापस किए गए। ठग ने इन मामलों में अपनी पहचान छिपाने के लिए पहले उपयोग किए गए मोबाइल नंबर को बंद कर दिया था। हालांकि, तकनीकी सर्विलांस के माध्यम से नया मोबाइल नंबर ट्रेस किया गया, जिससे आरोपी तक पहुंचना संभव हुआ।
पुलिस ने दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार किया (Hapur)
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के बाद आरोपी के नए नंबर का लोकेशन ट्रेस किया और थाना देहात क्षेत्र के गांव सलाई में दबिश दी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सुल्तानपुर मार्ग पर स्थित कच्चे रास्ते के कट के पास खड़े एक युवक को घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीन मोहम्मद बताया और स्वीकार किया कि वह अपने भाई साजिद के साथ मिलकर यह धोखाधड़ी कर रहा था।
ठगी का तरीका – फर्जी प्रोफाइल और सस्ते सामान का झांसा (Hapur)
पूछताछ में दीन मोहम्मद ने बताया कि वह अपने भाई के साथ मिलकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी पेज बनाता था। इन पेजों पर विभिन्न नामों से हैंडीक्राफ्ट और डेकोरेशन आइटम्स की फोटो डाउनलोड कर अपलोड की जाती थीं। फिर ग्राहकों को इनकी फोटो और वीडियो दिखाकर विश्वास में लिया जाता था। इसके बाद माल तैयार करने और बुकिंग के नाम पर एडवांस रकम अपने या परिचितों के खातों में ट्रांसफर करा ली जाती थी। रकम मिलने के बाद आरोपी सिम तोड़कर फेंक देता और नया नंबर ले लेता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि वे खास तौर पर दूर-दराज के राज्यों के लोगों को निशाना बनाते थे, ताकि पीड़ित सीधे उनके पास न पहुंच सकें और कानूनी कार्रवाई से बच सकें।
गिरोह के अन्य सदस्य भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे (Hapur)
पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि इस ठगी के तरीके को आरोपी ने सलीम नामक युवक से सीखा था। सलीम को मेरठ पुलिस ने 15 फरवरी 2026 को अन्य मामले में जेल भेजा था। पुलिस अब आरोपी के भाई साजिद और अन्य संभावित साथियों की तलाश में जुटी हुई है।
एसपी ने की अपील (Hapur)
एसपी ज्ञानंजय सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर सस्ते सामान के लालच में आकर किसी भी अनजान प्रोफाइल या फर्जी फर्म पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन भुगतान करने से पहले विक्रेता की सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है। साइबर ठगी की स्थिति में लोग तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस की सख्त चेतावनी (Hapur)
एसपी ने यह भी कहा कि साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी और इस प्रकार की धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऑनलाइन खरीदारी करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहें।
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