Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News Garhmukteshwar Temple उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर में दशकों पुरानी एक ऐतिहासिक भूल को आखिरकार सुधार दिया गया है। करीब 45 साल बाद प्राचीन काल भैरव मंदिर को भूमाफियाओं के अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया। जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय के निर्देश पर प्रशासन ने मंदिर पर लगा ताला तुड़वाकर अतिक्रमण हटाया और धार्मिक महत्व के इस स्थल को उसकी मूल पहचान और सम्मान वापस दिलाने की शुरुआत कर दी है।
क्या है पूरा मामला (Garhmukteshwar Temple)
यह मंदिर गढ़ क्षेत्र के नक्का कुआं इलाके में स्थित है। सैकड़ों वर्ष पुराना यह काल भैरव मंदिर लंबे समय से कुछ भूमाफियाओं के अवैध कब्जे में था। मंदिर को खंडित कर उसके मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया गया था, जिसके कारण श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह बंद हो गया था। यह दुखद स्थिति पिछले 4-5 दशकों यानी करीब 45 वर्षों से चली आ रही थी।

मंदिर पर लगे ताले पर पड़ी नजर (Garhmukteshwar Temple)
मामला तब सामने आया जब जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय गढ़मुक्तेश्वर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। उनकी नजर मंदिर पर लगे ताले पर पड़ी। उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए। इसके बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और मंदिर पर लगा ताला तोड़कर अवैध कब्जा हटवा दिया।
धार्मिक आस्था से जुड़ा है गढ़मुक्तेश्वर का काल भैरव मंदिर (Garhmukteshwar Temple)
गढ़मुक्तेश्वर को उत्तर प्रदेश का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। यहां मुक्तेश्वर महादेव मंदिर की विशेष मान्यता है, जिसके नाम पर ही इस शहर का नाम पड़ा है। मुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में एक ओर प्राचीन गंगा मंदिर, दूसरी ओर मुक्तेश्वर महादेव मंदिर और तीसरी ओर यह प्राचीन काल भैरव मंदिर स्थित है। मंदिर के बंद रहने से स्थानीय लोगों और दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को लगातार पीड़ा हो रही थी।
विधि विधान के साथ मूल स्थान पर रखवाई जाएी मूर्ति (Garhmukteshwar Temple)
प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, जब भूमाफियाओं ने कब्जा किया था, तब भगवान काल भैरव की मूर्ति को वहां से हटाकर दूसरे मंदिर में अस्थायी रूप से स्थापित कर दिया गया था। तब से करीब 40-45 वर्षों तक मूर्ति अपने मूल स्थान से दूर रही। अब जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने स्पष्ट कहा है कि जल्द ही विधि-विधान के साथ काल भैरव की मूर्ति को उसके मूल स्थान पर पुनः स्थापित कराया जाएगा। मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा ताकि लोग बिना किसी बाधा के अपनी आस्था अनुसार पूजा-अर्चना कर सकें।
टेंपल कॉम्प्लेक्स के रूप में होगा विकसित (Garhmukteshwar Temple)
प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में पूरे मुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर को एक भव्य टेंपल कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाए। इसमें काल भैरव मंदिर, गंगा मंदिर और मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को एकीकृत रूप से शामिल किया जाएगा। इससे न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि गढ़मुक्तेश्वर के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी। गढ़मुक्तेश्वर को आध्यात्मिक और ग्रामीण पर्यटन हब बनाने की दिशा में पहले से ही कई परियोजनाएं चल रही हैं।
क्या बोले जिलाधिकारी (Garhmukteshwar Temple)
जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने कहा, “गढ़मुक्तेश्वर के प्राचीन मुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में विकास कार्य चल रहे हैं। निरीक्षण के दौरान यहां अतिक्रमण मिला, जिसे तुरंत हटाया गया। काल भैरव मंदिर पर लगा ताला भी खुलवाया गया है। जल्द ही विधि-विधान से मूर्ति की पुनर्स्थापना कराई जाएगी और पूरा परिसर टेंपल कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा।”
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