Khabarwala24 Gulaothi News: गुलावठी में 72वें श्रीरामलीला मंचन का आयोजन धूमधाम से चल रहा है। इस बार का पंडाल और सजावट इतनी शानदार है कि इसकी चर्चा दूर-दूर तक हो रही है। नगरवासियों का कहना है कि 72 सालों में पहली बार इतना भव्य पंडाल सजाया गया है। जन सहयोग से एकत्रित दानराशि से आयोजन को पारदर्शी और भव्य बनाया जा रहा है। हालांकि, कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते समिति की कमियां तलाशने में जुटे हैं।
भव्य सजावट और व्यवस्था की हो रही तारीफ (Gulaothi News)
गुलावठी के बड़ा महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीरामलीला की सजावट और व्यवस्था लोगों का दिल जीत रही है। सुंदर लाइटिंग, व्यवस्थित बैठने की जगह और पारदर्शी खर्च ने इस बार आयोजन को और खास बना दिया है। समिति अध्यक्ष शरद गर्ग ने बताया कि यह आयोजन नगरवासियों के सहयोग और दान से संभव हो पाया है। हर साल सर्वसहमति से नई समिति चुनी जाती है, जो इस धार्मिक आयोजन को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ती।
जन सहयोग से पारदर्शी आयोजन (Gulaothi News)
कोषाध्यक्ष हैप्पी वर्मा ने बताया कि इस बार समिति ने पिछले सालों से कई गुना बेहतर व्यवस्थाएं की हैं। सजावट से लेकर लाइटिंग और अन्य व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बरती गई है। हालांकि, कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के चलते समिति पर तंज कस रहे हैं और आयोजन को राजनीति का अखाड़ा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वे समिति के युवा और कर्मठ पदाधिकारियों का मनोबल तोड़ने की कोशिश में लगे हैं। मयंक अग्रवाल ने कहा कि समिति के सदस्य शिक्षित, ईमानदार और संपन्न कारोबारी हैं, जिन्हें नगरवासियों ने विश्वास के साथ चुना है।

निमंत्रण पर बेवजह की बहस (Gulaothi News)
कुछ लोग इस बार सार्वजनिक निमंत्रण को लेकर भी विवाद खड़ा कर रहे हैं। समिति ने स्पष्ट किया कि श्रीरामलीला एक धार्मिक और सार्वजनिक आयोजन है, जिसमें किसी निजी निमंत्रण की जरूरत नहीं है। यह सभी धर्मों और समुदायों के लिए खुला है। फिर भी, कुछ लोग निजी निमंत्रण की उम्मीद में आयोजन को गलत ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
ड्रेस कोड से बेहतर समन्वय (Gulaothi News)
इस बार समिति ने एक समान ड्रेस कोड लागू किया है, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु आसानी से समिति के सदस्यों को पहचान सकें। यह ड्रेस कोड बैठने की व्यवस्था, वाहन पार्किंग और भीड़ प्रबंधन में सहयोग के लिए बनाया गया है। पहले कुछ लोग समिति के निर्देशों का विरोध करते थे, लेकिन ड्रेस कोड से यह समस्या काफी हद तक हल हो गई है।
पोस्टर पर बेकार की राजनीति (Gulaothi News)
हर साल की तरह इस बार भी श्रीरामलीला समिति ने पोस्टर लगवाए, जिनमें नगर के गणमान्य लोगों, पत्रकारों और समिति के पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। इन पोस्टरों में हर साल संशोधन होता है, लेकिन कुछ लोग इस संशोधन को लेकर भी समिति पर सवाल उठा रहे हैं। समिति ने कहा कि यह प्रक्रिया हर साल की तरह ही पारदर्शी तरीके से की गई है।

बाउंसरों ने बढ़ाई सुरक्षा (Gulaothi News)
श्रीराम बारात के दौरान पहले पर्स चोरी, धक्का-मुक्की और छोटे-मोटे विवाद की शिकायतें आती थीं। इस बार गाजियाबाद के दानदाता राजेश गोयल ने 10 बाउंसरों की टीम उपलब्ध कराई, जिससे शोभायात्रा पूरी तरह सुरक्षित रही। पुलिस प्रशासन के सहयोग से किसी भी अप्रिय घटना की शिकायत नहीं मिली।
समिति का जवाब: श्रीरामलीला को बनाएंगे और भव्य (Gulaothi News)
महामंत्री मयंक अग्रवाल ने कहा कि पिछले साल की कमियों को ध्यान में रखकर इस बार आयोजन को और बेहतर बनाया गया है। श्रीरामलीला सभी धर्मों के लिए एक प्रेरणादायक आयोजन है, जिसमें लोग भगवान श्रीराम के आदर्शों से सीख ले सकते हैं। समिति ने तंज कसने वालों को जवाब देते हुए कहा कि वे अपने कार्य में पारदर्शिता और समर्पण के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
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