Khabarwala 24 News Lucknow: Ganga Express Way उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और यह नवंबर 2025 के बाद कभी भी जनता के लिए खुल सकता है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़कर यातायात को सुगम और तेज बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी गति देगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण कार्य 95% से अधिक पूरा हो चुका है, और शेष कार्य को अंतिम रूप देने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।
निर्माण कार्य की प्रगति (Ganga Express Way)
यूपीडा के अधिकारियों ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में शामिल 1498 स्ट्रक्चर में से 1494 स्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। बाकी चार स्ट्रक्चर को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एक्सप्रेसवे पर तारकोल बिछाने और अन्य निर्माण कार्य 97% पूर्ण हो चुके हैं, जबकि मिट्टी का कार्य (अर्थवर्क) लगभग 100% पूरा हो गया है। शेष 5% कार्य में सड़क की सतह को चिकना करना, साइनेज लगाना, और अन्य फिनिशिंग कार्य शामिल हैं।
यूपीडा की एक उच्चस्तरीय टीम अक्टूबर 2025 के अंत या नवंबर की शुरुआत में मेरठ से प्रयागराज तक ट्रायल रन करेगी ताकि एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच की जा सके। अधिकारियों का दावा है कि नवंबर 2025 तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएंगे, और 15 नवंबर के बाद यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू हो सकता है।
मेरठ-बदायूं सेक्शन की स्थिति (Ganga Express Way)
गंगा एक्सप्रेसवे का मेरठ से बदायूं तक का 129.7 किलोमीटर लंबा सेक्शन लगभग पूरी तरह तैयार है। इस सेक्शन में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, और बदायूं जिले शामिल हैं। इस हिस्से में 322 स्ट्रक्चर (पुल, फ्लाईओवर, और अन्य संरचनाएं) बनाए गए हैं, जो सभी पूर्ण हो चुके हैं। गंगा नदी पर बने बड़े पुल सहित इस सेक्शन के निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
हालांकि, कुछ स्थानों पर जानबूझकर कट छोड़े गए हैं ताकि निर्माण के दौरान स्थानीय वाहनों के आवागमन से सड़क को नुकसान न हो। यूपीडा के अनुसार, उच्चस्तरीय अनुमोदन (हरी झंडी) मिलते ही इन कट्स को बंद कर सड़क को पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे की विशेषताएं (Ganga Express Way)
- कुल लंबाई: 594 किलोमीटर (मेरठ से प्रयागराज)
- शिलान्यास: 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा
- निर्माण प्रगति: 95% पूर्ण, नवंबर 2025 तक 100% पूर्णता का लक्ष्य
- स्ट्रक्चर: कुल 1498, जिनमें से 1494 पूर्ण
- जिले: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, और प्रयागराज
- महत्व: पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा, जिससे व्यापार, पर्यटन, और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे का महत्व (Ganga Express Way)
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ेगा और मेरठ से प्रयागराज तक का सफर पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरा कराएगा। यह न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि माल ढुलाई, कृषि उत्पादों के परिवहन, और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। इसके अलावा, यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
भविष्य की योजनाएं (Ganga Express Way)
यूपीडा के अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले सभी सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। सड़क पर साइनेज, स्ट्रीट लाइट्स, और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। उद्घाटन के बाद यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवेज, जैसे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, के साथ मिलकर राज्य के सड़क नेटवर्क को और मजबूत करेगा।
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