CLOSE

ईरान के साथ तनाव कम होने की उम्मीद के चलते कच्चा तेल 6 प्रतिशत लुढ़का

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

नई दिल्ली, 10 मार्च (khabarwala24)। मध्य पूर्व में ईरान के साथ तनाव कम होने की उम्मीद के चलते मंगलवार को कच्चे तेल की कीमत में गिरावट देखने को मिली है और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत 6.51 डॉलर या 6.6 प्रतिशत गिरकर 92.45 डॉलर प्रति बैरल हो गई। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की कीमत 6.12 डॉलर या 6.5 प्रतिशत गिरकर 88.65 डॉलर हो गई।

तेल की कीमतों में गिरावट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद आई, जिसमें कहा गया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान “बहुत जल्द” समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने जीत को उस बिंदु के रूप में परिभाषित किया है जब तेहरान के पास ऐसे हथियार विकसित करने की क्षमता नहीं रह जाएगी जो अमेरिका, इजरायल या उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन सकें।

- Advertisement -

ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित रहेगा, क्योंकि हमारे नौसेना के कई जहाज वहां तैनात हैं।”

होर्मुज जलडमरूमध्य खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला एक संकरा मार्ग है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रंजिट मार्गों में से एक है। खाड़ी उत्पादकों के कच्चे तेल के निर्यात का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है, जिससे इस मार्ग पर किसी भी प्रकार का खतरा वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन जाता है।

अमेरिका ने इस महीने की शुरुआत में ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से इजरायल के साथ संयुक्त सैन्य अभियान के तहत ईरानी ठिकानों पर बड़े हमले किए।

- Advertisement -

इससे पहले, सोमवार के सत्र में तेल की कीमतें कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं, जिसमें ब्रेंट क्रूड की कीमत 119.50 डॉलर और डब्ल्यूटीआई की कीमत 119.48 डॉलर हो गई, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का भारत में मुद्रास्फीति की दर पर फिलहाल कोई खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि देश की मुद्रास्फीति “निम्नतम सीमा” के करीब है।

वित्त मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि पश्चिम एशिया में 28 फरवरी, 2026 को भू-राजनीतिक संघर्ष शुरू होने तक, भारत द्वारा आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की कीमत पिछले एक वर्ष से लगातार गिर रही थी।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-