नई दिल्ली, 20 दिसंबर (khabarwala24)। इन्फोसिस के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसिप्ट (एडीआर) में अचानक आई 50 प्रतिशत तेजी की वजह तकनीकी खराबी थी। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
रिपोर्ट में बताया गया कि डेटा फीड में गड़बड़ी और एल्गोरिदम-संचालित खरीदारी, इन्फोसिस के एडीआर में बढ़ोतरी के पीछे एक अहम वजह थी
क्रॉनिकल जर्नल की रिपोर्ट में बताया गया कि 19 दिसंबर 2025 को इन्फोसिस के एडीआर में आई तेजी की वजह कई फाइनेंशियल डेटा प्लेटफॉर्म पर टिकर-मैपिंग एरर होना है, जिससे ऑटोमेटिक ट्रेडिंग सिस्टम में दुविधा की स्थिति पैदा हो गई और कम कारोबार वाले शेयर में स्व-पुष्टि करने वाला खरीदारी चक्र शुरू कर दिया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तेज उतार-चढ़ाव के कारण न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में कई बार लिमिट अप-लिमिट डाउन अस्थिरता के कारण ट्रेडिंग रोकनी पड़ी।
इस विसंगति के कारण एल्गोरिथम मॉडल ने इसे मूल्य निर्धारण में एक असामान्यता के रूप में समझा और आक्रामक खरीद आदेशों को ट्रिगर किया और कम तरलता एवं कम ट्रेडिंग वॉल्यूम ने इस प्रभाव को और बढ़ा दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, एडीआर, जो पिछले सत्र में लगभग 19.18 डॉलर पर बंद हुए थे, बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों के भीतर बढ़कर 27 डॉलर तक पहुंच गए, जिसके बाद अस्थिरता नियंत्रण उपायों के लागू होने से कीमतें नीचे आ गईं। कंपनी के भारत में सूचीबद्ध शेयरों में ऐसी कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली।
बाजार में आई इस असामान्य स्थिति ने एडीआर की कमजोरियों को उजागर किया, जिनका व्यापार घरेलू बाजारों के बंद होने पर होता है, जिससे सिस्टम अधिक डेटा गलतियों, लिक्विडिटी गैप और ऑटोमेटिक ट्रेडिंग फीडबैक लूप के प्रति संवेदनशील हो जाता है।
इसके अलावा दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में इन्फोसिस सहित आईटी कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, जिसके तहत 50,000 से अधिक माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट लाइसेंस तैनात किए जाएंगे। इससे कुल लाइसेंसों की संख्या 2,00,000 से अधिक हो जाएगी और एजेंटिक एआई को अपनाने की गति तेज होगी।
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