वाइब्रेंट गुजरात कॉन्फ्रेंस से वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा : विदेशी प्रतिनिधि

राजकोट, 11 जनवरी (khabarwala24)। राजकोट में रविवार को आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों और दीर्घकालिक सहयोग को लेकर गहरा विश्वास जताया।विदेशी प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद निवेश भागीदार के रूप में उभर रहा है और यह सम्मेलन देशों के […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

राजकोट, 11 जनवरी (khabarwala24)। राजकोट में रविवार को आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों और दीर्घकालिक सहयोग को लेकर गहरा विश्वास जताया।

विदेशी प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद निवेश भागीदार के रूप में उभर रहा है और यह सम्मेलन देशों के निवेशकों के बीच सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

- Advertisement -

किर्गिजस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधि कालीबेक ऊलू बेकतुर्गन ने कहा कि यह सम्मेलन दोनों देशों के निवेशकों के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ाने के लिए एक मंच दे रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि किर्गिजस्तान भारत के साथ आपसी निवेश को बढ़ावा देने, दोस्ती मजबूत करने और आने वाले वर्षों में सहयोग का विस्तार करने को लेकर इच्छुक है।

उन्होंने कहा, “हम भारत से हमारे देश में और हमारे देश से भारत में निवेश को बढ़ाना चाहते हैं, ताकि दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग मजबूत हो सके।”

- Advertisement -

भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेकसांद्र पोलिशचुक ने भी भारत और यूक्रेन के बीच पहले से मौजूद व्यापारिक सहयोग की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि युद्ध से पहले दोनों देशों के बीच चल रही परियोजनाओं का मूल्य करीब 4 अरब डॉलर था।

उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि इस वर्ष यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भारत का दौरा करेंगे। साथ ही अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में हम भारत और यूक्रेन में मिलकर किए जाने वाले नए प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा कर सकेंगे।”

यूक्रेनी राजदूत की पत्नी कैटेरीना बीला ने कहा कि इस सम्मेलन ने यूक्रेन को भारतीय कंपनियों से जुड़ने के अच्छे अवसर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त होने के बाद यूक्रेन को अपनी अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए भारत जैसे मित्र देशों के मजबूत समर्थन की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम यूक्रेन जैसे साझेदार देशों को भारतीय कंपनियों के साथ जुड़ने का अवसर देता है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब हम युद्ध जीतेंगे, तब अपने देश के पुनर्निर्माण के लिए हमें भारत से बड़े सहयोग की आवश्यकता होगी।”

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News