नई दिल्ली, 21 जनवरी (khabarwala24)। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बुधवार को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि बुधवार को एनडीएमसी की परिषद बैठक में एजेंडा में शामिल विभिन्न प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।
इस बैठक की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने की। बैठक में नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्र, सदस्य डीपी सिंह, अनिल वाल्मीकि, और परिषद सदस्य सरिता तोमर उपस्थित रहे।
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाते हुए, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने एनडीएमसी क्षेत्र में नागरिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा नागरिकों के जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से कई एकीकृत और दूरदर्शी पहलें शुरू की हैं।
उन्होंने कहा कि इन पहलों का मुख्य फोकस जल आपूर्ति अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता एवं साफ-सफाई, कर्मचारी एवं नागरिक-केंद्रित शासन सुधार, विद्युत अवसंरचना का उन्नयन, सीवर प्रणाली को मजबूत करने, बाजारों के विकास एवं उन्नयन, तथा सुरक्षित, सुगम और भविष्य-तैयार शहरी आवागमन सुनिश्चित करने हेतु सड़कों के पुनः सतहीकरण (री-सर्फेसिंग) पर है।
चहल ने कहा कि देश के इतिहास में शायद पहली बार किसी सरकारी संस्थान में संविदा कर्मचारियों को भी कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि सेक्शन-9 समिति के निर्णय के अनुरूप, एनडीएमसी के सभी संविदा कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को लिबरलाइज्ड चिकित्सा स्वास्थ्य योजना का लाभ प्रदान किया गया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में एनडीएमसी में लगभग 878 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, जो पिछले 12 से 25 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। ये कर्मचारी डाटा एंट्री ऑपरेटर, क्लेरिकल असिस्टेंट, जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिक एवं सिविल), फार्मासिस्ट, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नर्स, हेल्पर जैसी विभिन्न श्रेणियों में कार्यरत हैं। इस योजना के लागू होने से न केवल कर्मचारियों को बल्कि उनके आश्रितों को भी गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे संविदा कर्मचारियों की सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को एक नई मजबूती मिलेगी।
हितकारी निधि योजना के अंतर्गत एससी/एसटी कर्मचारियों के लिए वित्तीय सहायता में वृद्धि की गई है। परिषद द्वारा हितकारी निधि योजना के अंतर्गत एनडीएमसी के नियमित एससी/एसटी कर्मचारियों के लिए वित्तीय सहायता में वृद्धि को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके अंतर्गत प्रत्येक संतान के विवाह पर (अधिकतम दो संतान) 75,000 रुपए की सहायता और नियमित एससी/एसटी कर्मचारी के निधन की स्थिति में उनके परिवार को 75,000 रुपए की सहायता दी जाएगी। पहले इस योजना के तहत 50,000 रुपए दिए जाते थे।
इसके साथ ही एफएसएसएआई अधिनियम अथवा जीएसटी पंजीकरण को एनडीएमसी अधिनियम की संबंधित धाराओं के अंतर्गत लाइसेंस के रूप में पर्याप्त/मान्य माना जाएगा। दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम के अंतर्गत एफएसएसएआई/श्रम विभाग द्वारा जारी लाइसेंस और एनडीएमसी द्वारा डीम्ड हेल्थ ट्रेड लाइसेंस एवं जनरल ट्रेड लाइसेंस के रूप में स्वीकार किए जा सकते हैं।
वैध एफएसएसएआई या जीएसटी पंजीकरण रखने वाले प्रतिष्ठानों के लिए अलग से हेल्थ लाइसेंस अनिवार्य नहीं होगा; तथापि, सार्वजनिक हित में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सैनिटेशन मानकों के अनुपालन हेतु एनडीएमसी द्वारा निरीक्षण जारी रहेगा।
वैध एफएसएसएआई या जीएसटी पंजीकरण रखने वाले प्रतिष्ठानों के लिए अलग से हेल्थ लाइसेंस अनिवार्य नहीं होगा, सार्वजनिक हित में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सैनिटेशन मानकों के अनुपालन हेतु एनडीएमसी द्वारा निरीक्षण जारी रहेगा।
इसके साथ ही इस बैठक के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई और फैसले लिए गए हैं।
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