लखनऊ, 23 दिसंबर (khabarwala24)। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2016 में विधानसभा में लाए गए मदरसा एक्ट को वापस लेने का फैसला लिया है। इस पर राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सभी बच्चों के लिए समान शिक्षा हो और उन्हें गुणवत्तापूर्ण जीवन मिले, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने khabarwala24 से बातचीत में कहा, “सरकार यह पक्का करने के लिए प्रतिबद्ध है कि राज्य के सभी छात्रों को अच्छी शिक्षा मिले ताकि हर बच्चा कल के भारत को बनाने में अपना योगदान देने के लिए तैयार हो सके। इसमें उत्तर प्रदेश अपनी अहम भूमिका निभाएगा।”
मदरसा एक्ट पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “जो भी गलत है, जो भी वापस लेने की जरूरत है, उसे वापस लिया जाएगा।”
मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने मदरसा शिक्षक सुरक्षा बिल वापस होने पर कहा, “नियमावली में विसंगति रही है। 2016 में बिल पास हुआ, उसके बाद राज्यपाल के पास गया, वहां से राष्ट्रपति को गया। वहां से क्वेरी लगी। 2022 में फिर विधानसभा में वह प्रस्ताव आया। यहां से विसंगति की रिपोर्ट बनकर गई लेकिन फिर उन्होंने अस्वीकार कर दिया। कल बिल वापस हुआ है। अब उसे पढ़ लें तो समझ आ जाएगा।”
मदरसा एक्ट पर मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा सबके लिए बराबर होनी चाहिए। सामाजिक शिक्षा के लिए सरकार ने जरूरी सुधार लाने का इंतजाम किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी मदरसा एक्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के काम कर रही है। जहां तक मदरसों की बात है, हमारे मुख्यमंत्री मानते हैं कि उत्तर प्रदेश को जैसी शिक्षा चाहिए वैसी दी जाएगी। ऐसी शिक्षा दी जाएगी कि कोई आतंकवादी न बने, बल्कि देशभक्त पैदा हों, अब्दुल कलाम और लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी जैसे लोग हों। सरकार इस पर काम कर रही है।”
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