नई दिल्ली, 12 दिसंबर (khabarwala24)। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से कांग्रेस सांसदों की बैठक बुलाए जाने पर कहा कि वे हमेशा एक अभिभावक की भूमिका में रहते हैं। उनकी बातें कार्यकर्ताओं और नेताओं का मनोबल बढ़ाती हैं।
राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद भवन एनेक्सी एक्सटेंशन बिल्डिंग में कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई। इस पर सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “राहुल गांधी हमेशा एक अभिभावक की भूमिका में रहते हैं। आज से नहीं पहले दिन से चाहते हैं कि कांग्रेस के नए पुराने लोगों को मार्गदर्शन देते रहें। उनकी बातें हमारा मनोबल बढ़ाने की होती है। अपने लीडर से इस प्रकार की चीजें आती हैं तो यह हमारे लिए बहुत गौरव की बात है।”
khabarwala24 से बातचीत में कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने एसआईआर के मुद्दे पर जवाब दिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से एसआईआर फॉर्म भरने से इनकार किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी।
भाजपा पर आरोप लगाते हुए सुखदेव भगत ने कहा, “जल्दबाजी का काम शैतान का होता है। इन चीजों को देखते हुए सरकार को हठधर्मिता नहीं दिखानी चाहिए। अगर वाकई सरकार को चुनाव सुधार कराना है तो वह सही तरीके से चर्चा के बाद लाया जाना चाहिए।”
इसी बीच, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल के निधन पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “वह निश्चित रूप से एक बहुत सीनियर और अनुशासित नेता थे। उनके जाने से हमें दुख हुआ है। जब भी इतने बड़े कद का कोई व्यक्ति, जिसने अपनी पूरी जिंदगी किसी महान काम के लिए लगा दी हो, हमें छोड़कर जाता है, तो बहुत दुख होता है। हमारी गहरी संवेदनाएं पूरे परिवार के साथ हैं।”
कांग्रेस के सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी शिवराज पाटिल के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि शिवराज पाटिल के जाने से देश ने एक बड़ा नेता खो दिया है। वह दूरदर्शी व्यक्ति थे। उन्होंने कहा, “मैंने मंत्रिमंडल में 2004 से 2009 तक उनके साथ काम किया। उन्होंने कई अहम विभागों की जिम्मेदारियों को संभाला, जिनसे हमें प्रेरणा भी मिलती है।”
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


