भोपाल, 26 दिसंबर (khabarwala24)। मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने की कवायद हो रही है। इसके लिए आरक्षक से लेकर यातायात पुलिस निरीक्षक तक को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में राजधानी में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें दुर्घटनाएं रोकने की पहल के साथ हादसे के प्रभावितों की जीवन रक्षा कैसे की जाए, यह भी प्रशिक्षण दिया गया।
राज्य में सड़क सुरक्षा की दृष्टि से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए दुर्घटना विहीन सफर की ओर एक सार्थक प्रयास पुलिस परिवहन शोध संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा मध्य प्रदेश के यातायात पुलिस निरीक्षक से आरक्षक स्तर के अधिकारी और कर्मचारियों को यातायात रिफ्रेशर कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार की पहल सड़क उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराना है। इसमें पदयात्रियों तथा साइकिल चालकों को प्राथमिकता, भविष्य में शून्य सड़क दुर्घटना मृत्यु का लक्ष्य प्राप्त करना है। प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ पर उप पुलिस महानिरीक्षक पीटीआरआई टी.के. विद्यार्थी द्वारा 4ई के प्रमुख सूत्रों जैसे एजुकेशन, इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट एवं इमरजेंसी केयर की जानकारी दी गई।
इस दौरान पीटीआरआई के सहायक पुलिस महानिरीक्षक अभिजीत कुमार रंजन, विक्रम रघुवंशी, हिमांशु कार्तिकेय तथा अन्य प्रशिक्षण टीम के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस सत्र में सड़क सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए सबसे पहले गोल्डन ऑवर के दौरान घायल व्यक्ति को बचाए जाने के लिए राहवीर, केशलेस जैसी बहुपयोगी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उप निरीक्षक संध्या सिंह द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को दी गई। साथ ही वैश्विक स्तर पर जारी सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को प्रशिक्षणार्थियों के सामने रखा गया और प्राथमिक उपचार से संबंधी सीपीआर एवं बीएलएस का प्रशिक्षण भी डेमोन्सट्रेशन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा के द्वारा दिया गया।
प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में डॉ. मयंक दुबे तथा एसएस लल्ली (सेवा निवृत्त अपुअ) द्वारा यातायात प्रबंधन से संबंधी सड़क अभियांत्रिकी व प्रवर्तन की कार्यवाही तथा उप निरीक्षक पूजा त्रिपाठी द्वारा संशोधित मोटर यान अधिनियम से संबंधी प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें पुलिस अधिकारी की भूमिका को समझाया गया।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


