इंदौर, 2 जनवरी (khabarwala24)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा इलाके में कथित तौर पर दूषित पानी पीने से अब तक कई लोगों की मौत हो गई है, जिससे पानी की सुरक्षा और नागरिक प्रबंधन को लेकर स्थानीय लोगों में गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
समाचार एजेंसी khabarwala24 से बातचीत में एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, “पानी में थोड़ा सुधार हुआ है। शुक्रवार को कुछ साफ पानी आया। लेकिन पहले पानी बहुत खतरनाक था। वह दूषित और बदबूदार था।” उन्होंने बताया कि नगर निगम की तरफ से भी पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा, डॉक्टर भी लगातार यहां निगरानी रख रहे हैं।
एक महिला ने कहा कि हम पहले नर्मदा का पानी नहीं पीते थे, लेकिन अब हम इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका स्वाद कड़वा है। पिछले लगभग एक हफ्ते से यह समस्या बढ़ी है।
एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि इस क्षेत्र में दूषित पानी की यह समस्या पहली बार देखने को मिली है। आजकल कोई भी नेता किसी आम नागरिक की सुनवाई नहीं करता है। उन्होंने आगे कहा कि घटना के बाद अब थोड़ा पानी साफ आ रहा है।
भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने के कारण कई लोगों की जान गई है। इंदौर के मुख्य स्वास्थ्य और चिकित्सा अधिकारी (सीएचएमओ) माधव हसानी के अनुसार, कुल मिलाकर, 272 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से 1 जनवरी तक 72 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया। फिलहाल, 201 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 32 आईसीयू में इलाज करा रहे हैं।”
माधव हसानी ने पुष्टि की कि लैब एनालिसिस से पता चला है कि दूषित पानी पीने से लोग बीमार पड़े और कई लोगों की मौत हुई। उन्होंने गुरुवार को बताया कि गुरुवार को 8,500 से ज्यादा लोगों की मेडिकल जांच की गई। इनमें से, भागीरथपुरा इलाके के 1,700 से ज्यादा घरों से 338 नए मरीजों की पहचान की गई। उन्होंने कहा कि सभी नए पहचाने गए मरीजों को उनके घरों पर ही प्राथमिक इलाज दिया गया।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


