नई दिल्ली, 12 दिसंबर (khabarwala24) शुक्रवार को राज्यसभा में ऐसा अवसर आया जब सदन में एक भी कैबिनेट मंत्री मौजूद नहीं था। ऐसी स्थिति में विपक्ष ने नियमों का हवाला देते हुए सदन की कार्यवाही स्थगित करने की मांग की। विपक्ष का कहना था कि कैबिनेट मिनिस्टर की अनुपस्थिति में सदन की कार्रवाई नहीं चलायी जा सकती।
आसन पर मौजूद सभापति सी पी राधाकृष्णन ने यह तर्क स्वीकार किया और सदन की कार्रवाई को 15 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन की कार्यवाही दोबारा प्रारंभ होने पर केंद्रीय मंत्री सदन में मौजूद रहे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल की मृत्यु हो गई है व लोकसभा में उन्हें श्रद्धांजलि दी जानी थी, इस कारण से वह लोकसभा में मौजूद थे।
दरअसल शुक्रवार को राज्यसभा में सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने के कुछ ही देर बाद यह विषय सभापति के ध्यान में लाया गया। सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने के उपरांत सबसे पहले 13 दिसंबर 2001 को संसद में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके उपरांत कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कैबिनेट मंत्रियों की अनुपस्थिति का विषय उठाया।
जयराम रमेश ने सभापति से कहा कि सत्ता पक्ष की अग्रिम पंक्ति की सीटें खाली हैं। उन्होंने सभापति से कहा कि सदन में कोई भी कैबिनेट मिनिस्टर मौजूद नहीं है। जयराम रमेश का कहना था कि सदन में यदि एक भी कैबिनेट मिनिस्टर न हो तो ऐसे में सदन की कार्यवाही नहीं चलायी जा सकती। सभापति ने कांग्रेस सांसदों की इस मांग को स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने आसन से कैबिनेट मिनिस्टर्स से अपील की कि केंद्रीय मंत्री सदन में आएं, जिससे कि सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाया जा सके।
उन्होंने सत्ता पक्ष के मौजूद अन्य सदस्यों से भी कहा। हालांकि कुछ देर बीतने के उपरांत भी कोई केंद्रीय मंत्री सदन में नहीं पहुंचा। इसके उपरांत विपक्षी सांसदों ने सदन की कार्यवाही को स्थगित करने की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्रीय मंत्री सदन में मौजूद हों। विपक्षी सांसदों की इस मांग पर सभापति ने सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। 15 मिनट उपरांत सदन की कार्यवाही फिर से प्रारंभ हुई। तब सदन में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत अन्य कई केन्द्रीय मंत्री मौजूद थे।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन को बताया कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल की मृत्यु का समाचार सामने आया है, इसलिए लोकसभा में स्वर्गीय शिवराज पाटिल को श्रद्धांजलि दी जानी थी। ऐसे में संसदीय परंपराओं का निर्वाह करने के लिए वह लोकसभा में मौजूद थे और राज्यसभा में नहीं आ सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नेता सदन जेपी नड्डा के मंत्रालय से जुड़े प्रश्नों का उत्तर लोकसभा में दिया जाना था, इसलिए वह भी लोकसभा में मौजूद थे।
हालांकि इसके साथ ही किरेन रिजिजू ने सदन की कार्यवाही के दौरान किसी भी केन्द्रीय मंत्री के सदन में उपस्थित न होने पर खेद व्यक्त भी किया। वहीं इसके उपरान्त राज्यसभा में भी पूर्व लोकसभा अध्यक्ष को श्रद्धांजलि दी गई। राज्यसभा के सभापति ने वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल के निधन पर दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि शिवराज पाटिल का निधन सार्वजनिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति है। विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर उनकी लंबी सेवाओं को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा। सभापति ने दिवंगत नेता के परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए ईश्वर से इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
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