कर्नाटक: उपराष्ट्रपति ने मेलुकोटे चेलुवनारायण मंदिर में की पूजा, श्रवणबेलगोला में शांतिसागर स्मरणोत्सव में हुए शामिल

मांड्या, 9 नवंबर (khabarwala24)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन रविवार को दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने मेलुकोटे के चेलुवनारायण स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की।उपराष्ट्रपति के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से तस्वीर पोस्ट की गई। तस्वीर में उपराष्ट्रपति मंदिर परिसर में भ्रमण करते हुए और पूजा-अर्चना करते हुए दिख रहे हैं। इस दौरान वे […]

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मांड्या, 9 नवंबर (khabarwala24)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन रविवार को दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने मेलुकोटे के चेलुवनारायण स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की।

उपराष्ट्रपति के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से तस्वीर पोस्ट की गई। तस्वीर में उपराष्ट्रपति मंदिर परिसर में भ्रमण करते हुए और पूजा-अर्चना करते हुए दिख रहे हैं। इस दौरान वे आरती लेते हुए भी दिख रहे हैं। पोस्ट में लिखा, “उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज कर्नाटक के मेलुकोटे में चेलुवनारायण स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की।”

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एक अन्य पोस्ट में 108 शांतिसागर महाराज के स्मरणोत्सव में भाग लेने की तस्वीर पोस्ट की गई। पोस्ट में बताया गया कि उपराष्ट्रपति ने कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में परमपूज्य आचार्य 108 शांतिसागर महाराज जी के स्मरणोत्सव में भाग लिया। यह समारोह आचार्य जी द्वारा 1925 में महामस्तकाभिषेक समारोह हेतु इस पवित्र स्थल पर आगमन की शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। उपराष्ट्रपति ने आचार्य शांतिसागर महाराज जी की प्रतिमा का अनावरण किया, दिगंबर परंपरा के पुनरुद्धार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की और कहा कि उनका जीवन अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांतवाद के शाश्वत जैन आदर्शों का प्रतीक है।

उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि ये आदर्श आज की दुनिया में शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने श्रवणबेलगोला के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला, भगवान बाहुबली की विशाल प्रतिमा का उल्लेख किया और जैन आदर्शों से प्रभावित होकर सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के त्याग का स्मरण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्राकृत को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्रदान करने और प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण हेतु ज्ञानभारतम मिशन शुरू करने के प्रयासों की भी सराहना की।

इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी, कर्नाटक सरकार के राजस्व मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा, कर्नाटक सरकार के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री डी. सुधाकर, श्रवणबेलगोला दिगंबर जैन महासंस्थान मठ के पूज्य साधुगण और अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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Source : IANS

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