ग्रेटर नोएडा, 17 फरवरी (khabarwala24)। डब्ल्यूएचएक्स दुबई (पूर्व में अरब हेल्थ) में उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लेकर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मेडिकल डिवाइसेज पार्क को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।
दुबई एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में प्रतिनिधिमंडल ने मेडिकल उपकरण निर्माण और नवाचार के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उत्तर प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग के विशेष सचिव चंद्र विजय सिंह, आईएएस, और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑथोरिटी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया, आईएएस, ने किया।
भारत सरकार के औषधि विभाग के निदेशक हितेंद्र साहू और एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर मेडिकल डिवाइसेज के कार्यकारी निदेशक प्रवीण कुमार मित्तल भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे। बैठक के दौरान कई वैश्विक और भारतीय कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई। डिस्पोसेफ ने विस्तार के लिए निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से 10 एकड़ भूमि के लिए आवेदन करने की पुष्टि की। पॉलिमेडिक्योर, जिसे भारत का प्रमुख निर्यातक माना जाता है, अपने आवंटित 7 एकड़ भूखंड पर जल्द निर्माण कार्य शुरू करेगा।
कुसुम हेल्थकेयर ने यूक्रेन और सीआईएस देशों के लिए सहायक चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई स्थापित करने में रुचि जताई। वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ भी सकारात्मक चर्चा हुई। विप्रो जी ई हेल्थकेयर ने मेडिकल डिवाइसेज पार्क में नया संयंत्र स्थापित करने पर सकारात्मक विचार व्यक्त किया है, जिसके लिए आंतरिक बोर्ड की मंजूरी प्रतीक्षित है। ओलंपस कॉर्पोरेशन (जापान), इलेक्ट एबी (स्वीडन) और सीमेंस हेल्थीनियर्स के साथ भी निर्माण इकाइयों की स्थापना को लेकर चर्चा हुई।
बता दें कि एलेक्टा एबी रेडियोथेरेपी बाजार में वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है और यह बाजार मुख्यतः एलेक्टा तथा वेरियन मेडिकल सिस्टम्स (सीमेंस हेल्थीनियर्स कंपनी) के बीच विभाजित है। परीक्षण और अवसंरचना के क्षेत्र में टीयूवी एसयूडी (जर्मनी) और एक्यूप्रेक को एएससीए-मान्यता प्राप्त परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने का आमंत्रण दिया गया। एक्यूप्रेक ने 250 करोड़ रुपए के निवेश के साथ पांच वर्षों की समयावधि में लैब स्थापित करने का प्रारूप प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इसके अतिरिक्त फिलिप्स, फुजीफिल्म और जिमर बायोमेट के साथ स्थानीयकरण और मेडटेक नवाचार पर चर्चा हुई।
हेल्थियम मेडटेक और हिंदुस्तान सिरिंजेस को भी विस्तार के लिए पार्क पर विचार करने का आमंत्रण दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और महावाणिज्यदूत सतीश कुमार सिवन से भी मुलाकात की। उन्हें पार्क की विशेषताओं और स्थानीय लाभों की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि मेडिकल डिवाइसेज पार्क में अब तक 101 कंपनियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित पांच लक्षित विनिर्माण खंडों के अंतर्गत भूमि आवंटित की जा चुकी है।
राजनयिकों ने यूएई के निवेश मंचों पर पार्क को बढ़ावा देने और संभावित सॉवरेन वेल्थ फंड निवेश की संभावनाएं तलाशने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि यमुना प्राधिकरण का मेडिकल डिवाइसेज पार्क उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख परियोजना है, जिसे विश्वस्तरीय साझा वैज्ञानिक सुविधाओं और उत्कृष्ट कनेक्टिविटी के साथ चिकित्सा उपकरण निर्माण के आत्मनिर्भर इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना को भारत सरकार के औषधि विभाग का भी समर्थन प्राप्त है।
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