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ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ सरकार का बड़ा एक्शन, 300 और अवैध जुआ व सट्टेबाजी वेबसाइट्स और ऐप्स को किया ब्लॉक

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नई दिल्ली, 20 मार्च (khabarwala24)। सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 और अवैध वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है। यह कार्रवाई ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन कैसीनो, स्लॉट गेम, रूलेट, लाइव डीलर टेबल और पी-टू-पी (P2P) सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ की गई है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस लिस्ट में सट्टा/मटका गैंबलिंग नेटवर्क और असली पैसे से खेले जाने वाले कार्ड व कैसीनो गेम ऐप्स भी शामिल हैं।

इस ताजा कार्रवाई के बाद अब तक कुल करीब 8,400 अवैध सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी वेबसाइट्स को ब्लॉक किया जा चुका है। इनमें से करीब 4,900 वेबसाइट्स ऑनलाइन गेमिंग ऐक्ट लागू होने के बाद ब्लॉक की गई हैं।

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संसद ने 21 अगस्त 2025 को ऑनलाइन गेमिंग के प्रचार एवं विनियमन विधेयक 2025 पास किया था, जिसका मकसद लोगों को ऑनलाइन पैसे वाले गेम्स के खतरे से बचाना और सुरक्षित गेमिंग को बढ़ावा देना है।

संसद द्वारा 21 अगस्त 2025 को पारित ‘ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन एवं विनियमन विधेयक, 2025’ ऑनलाइन पैसा कमाने वाले खेलों के खतरे से नागरिकों को बचाने और अन्य प्रकार के ऑनलाइन खेलों को बढ़ावा देने एवं विनियमित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

1 अक्तूबर 2025 से लागू हुए इस नए कानून में पोकर, रम्मी और फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसे रियल मनी गेम्स को चलाने या प्रमोट करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है, जिसमें 3 साल तक की जेल और भारी जुर्माना शामिल है।

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इसके साथ ही इस कानून के तहत ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण (ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का गठन भी किया गया है, जो इस सेक्टर को नियंत्रित करता है, सुरक्षित ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देता है और सट्टेबाजी वाले गेम्स पर नजर रखता है।

सरकार का कहना है कि यह कदम लोगों को लत, आर्थिक नुकसान और सामाजिक परेशानियों से बचाने के लिए उठाया गया है।

कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जल्दी पैसे कमाने का झूठा लालच देकर लोगों को फंसाते हैं, जिससे परिवारों को भारी नुकसान होता है।

दुनिया भर में भी इस समस्या को गंभीर माना गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गेमिंग डिसऑर्डर को एक बीमारी के रूप में माना है, जिसमें व्यक्ति खेल पर नियंत्रण खो देता है और बाकी जरूरी कामों को नजरअंदाज करने लगता है, भले ही इसके नुकसान हो रहे हों।

भारत में भी ऑनलाइन मनी गेम्स के कारण कई परिवारों की बचत खत्म हो चुकी है। युवा इसकी लत में फंस रहे हैं और कुछ मामलों में आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।

सरकार ने इन खतरों को देखते हुए सख्त कानून बनाए हैं, लेकिन साथ ही एक संतुलित दृष्टिकोण भी अपनाया है। यह कानून ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को पूरी तरह रोकने के बजाय सुरक्षित और उपयोगी गेम्स को बढ़ावा देता है।

ई-स्पोर्ट्स और शैक्षणिक या सामाजिक गेम्स को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि सट्टेबाजी और जुए जैसे नुकसानदायक गेम्स को अलग कर उन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

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