आईएएस अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती बनीं पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्य सचिव

कोलकाता, 31 दिसंबर (khabarwala24)। पश्चिम बंगाल को पहली बार महिला मुख्य सचिव मिली हैं। राज्य सरकार ने बुधवार को गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग की वर्तमान अतिरिक्त मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को राज्य की नई मुख्य सचिव नियुक्त किया है।नंदिनी चक्रवर्ती को मनोज पंत के स्थान पर नियुक्त किया गया है, जो बुधवार को […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

कोलकाता, 31 दिसंबर (khabarwala24)। पश्चिम बंगाल को पहली बार महिला मुख्य सचिव मिली हैं। राज्य सरकार ने बुधवार को गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग की वर्तमान अतिरिक्त मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को राज्य की नई मुख्य सचिव नियुक्त किया है।

नंदिनी चक्रवर्ती को मनोज पंत के स्थान पर नियुक्त किया गया है, जो बुधवार को रिटायर हो गए। पंत का मूल रूप से कार्यकाल जून 2025 में ही समाप्त होना था, लेकिन वे पहले ही छह महीने के विस्तार पर कार्यरत थे।

- Advertisement -

हालांकि, राज्य सरकार ने पंत को और छह महीने का विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया था, लेकिन अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के कैडर नियंत्रक प्राधिकरण कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं दी।

जगदीश प्रसाद मीणा को नंदिनी चक्रवर्ती की जगह राज्य के गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग का नया अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाया गया है।

सेवानिवृत्ति के बावजूद मनोज पंत को राज्य सरकार ने नई जिम्मेदारी दी है। अब वे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में काम करेंगे। हालांकि, यह पद आम तौर पर नियमित रूप से नियुक्त और सेवा में कार्यरत आईएएस अधिकारी के लिए होता है।

- Advertisement -

कोलकाता में मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल सरकार पर वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति में डीओपीटी के नियमों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सुविधानुसार डीओपीटी के नियमों को अक्सर शिथिल किया जाता है।

नंदिनी चक्रवर्ती 1994 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने राज्य में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम किया है और कुछ विवादों से भी जुड़ी रही हैं।

हाल ही में वे राज्यपाल सीवी आनंद बोस की प्रधान सचिव थीं। उन्हें उस पद से हटाए जाने को लेकर राजभवन (वर्तमान में लोक भवन) और राज्य सचिवालय के बीच तनाव की स्थिति भी बनी थी।

राजभवन ने राज्य सरकार से चक्रवर्ती को कार्यमुक्त करने को कहा था, लेकिन राज्य सचिवालय ने निर्देश दिया था कि वे राज्यपाल की प्रधान सचिव बनी रहें। बाद में मुख्यमंत्री ने इस मामले में राज्यपाल से अलग से बातचीत की।

इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें उस पद से हटाने का फैसला किया और उन्हें पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी दी गई। दिसंबर 2023 में उन्हें गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग का प्रभार सौंपा गया था।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News