चेन्नई बुक फेयर 8 जनवरी से होगा शुरू, सीएम स्टालिन नंदनम वाईएमसीए ग्राउंड में करेंगे उद्घाटन

चेन्नई, 22 दिसंबर (khabarwala24)। तमिलनाडु के सबसे बड़े सांस्कृतिक और साहित्यिक मेलों में शुमार चेन्नई बुक फेयर का 49वां एडिशन 8 जनवरी से शुरू होगा और 21 जनवरी 2026 तक चलेगा।इस बार मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा नंदनम वाईएमसीए ग्राउंड में किया जाएगा, जो पहले से ही अपने खेल और सांस्कृतिक कार्यों के […]

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चेन्नई, 22 दिसंबर (khabarwala24)। तमिलनाडु के सबसे बड़े सांस्कृतिक और साहित्यिक मेलों में शुमार चेन्नई बुक फेयर का 49वां एडिशन 8 जनवरी से शुरू होगा और 21 जनवरी 2026 तक चलेगा।

इस बार मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा नंदनम वाईएमसीए ग्राउंड में किया जाएगा, जो पहले से ही अपने खेल और सांस्कृतिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध है।

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चेन्नई बुक फेयर का आयोजन काफी सालों से किया जा रहा है और हर साल यहां पहुंचने वाले लोगों की संख्या बढ़ती है। आम जनता के लिए मेला हर दिन खुला रहेगा, जहां पूरे राज्य और बाहर से आए पाठक, लेखक, छात्र और किताबें पसंद करने वाले लोग शामिल होंगे। इस साल का एडिशन बुकसेलर्स एंड पब्लिशर्स एसोसिएशन ऑफ साउथ इंडिया (बापासी) के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जिसमें रिकॉर्ड 1,000 स्टॉल लगाए जाएंगे, जो इसे मेले के इतिहास का सबसे बड़ा मेला बना देगा।

ऐसा पहली बार है जब चेन्नई बुक फेयर में 1000 से ज्यादा स्टॉल लगाए जा रहे हैं। बीते कुछ सालों में मेले में 800-900 स्टॉल लगाए जाते रहे हैं। इस बार पब्लिशर्स की बढ़ती डिमांड और साहित्यिक संगठनों की भागीदारी की वजह से स्टॉल की संख्या बढ़ाने का फैसला किया गया है। ये मेला फिर पुस्तक प्रेमियों के लिए ही नहीं है बल्कि राज्य की संस्कृति और साहित्य दोनों का अनूठा संगम है, जिसे देखने के लिए राज्य के आसपास के लोग भी आते हैं।

मेले में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया, हार्परकॉलिंस पब्लिशर्स इंडिया, ब्रिटिश काउंसिल और साइमन एंड शूस्टर इंडिया जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पब्लिशिंग हाउस शामिल होंगे। इस इवेंट में मलेशिया और सिंगापुर के तमिल पब्लिशर्स को भी स्टॉल दिए गए हैं, जबकि श्रीलंका और कई यूरोपीय देशों के तमिल बुकसेलर्स के भी हिस्सा लेने की उम्मीद है।

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बापासी ने बताया कि किताबों की बिक्री के अलावा, मेले में ‘चिंथनई अरंगम’ यानी विचार मंच के सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें तमिल विद्वान, लेखक और बुद्धिजीवी क्लासिकल साहित्य से लेकर समकालीन सामाजिक मुद्दों तक के विषयों पर पाठकों के साथ अपने विचार शेयर करेंगे। ये नए पाठकों और लेखकों के लिए कुछ नया सीखने का मौका है। इन सत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे चर्चा और सीखने के मंच के रूप में मेले की भूमिका मजबूत होगी।

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री स्टालिन अच्छी और साहित्यिक पुस्तकों के लेखकों को मुत्तमिलारिंगर कलैग्नार एम. करुणानिधि पोर्कझी पुरस्कार से भी सम्मानित करेंगे।

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