सीएम रेवंत रेड्डी के राजनीतिक खेल का शिकार बनेंगे पुलिस अधिकारी: केटी रामाराव

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

हैदराबाद, 20 जनवरी (khabarwala24)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने मंगलवार को तेलंगाना पुलिस अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के राजनीतिक खेल का भविष्य में पुलिस अधिकारी ही शिकार बनेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारी जानबूझकर बीआरएस नेताओं के खिलाफ झूठे और अवैध मामले दर्ज कर रहे हैं।

रामाराव ने कहा कि जब बीआरएस दो साल बाद सत्ता में वापस आएगी, तब ऐसे अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे उस समय तक सेवानिवृत्त ही क्यों न हो चुके हों। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “जो अधिकारी यह जानते हुए भी मामले दर्ज कर रहे हैं कि वे अवैध हैं, उन्हें हम छोड़ेंगे नहीं। जो अधिकारी यह कहते हैं कि ‘अगर आपातकाल होता तो आप सब जेल में होते’, उन्हें भी यह याद रखना चाहिए।”

विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा फोन टैपिंग मामले में बीआरएस नेता टी. हरीश राव को नोटिस जारी किए जाने पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए रामाराव ने कहा कि हर दिन एक जैसा नहीं होता और बीआरएस दो साल बाद फिर सत्ता में आएगी।

- Advertisement -

उन्होंने कहा, “एसआईटी जांच के नाम पर चाहे जितनी भी मनमानी की जाए, हम कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी और प्रशासनिक विफलताओं पर सवाल उठाते रहेंगे।”

रामाराव ने सवाल उठाया कि फोन टैपिंग मामले पर अब तक एक भी पुलिस अधिकारी ने खुलकर कुछ क्यों नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट खुद कह चुका है कि तेलंगाना में फोन टैपिंग नहीं हुई, इसके बावजूद उसी मुद्दे पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “चाहे एक हजार नोटिस जारी कर दिए जाएं या एसआईटी सौ और केस दर्ज कर दे, हम सरकार से सवाल पूछते रहेंगे।”

- Advertisement -

उन्होंने कहा कि बीआरएस तेलंगाना के लोगों के आत्मसम्मान, ताकत और आवाज का प्रतीक है और पार्टी अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को भी अगर नोटिस दिए जाते हैं, तो पार्टी डरने वाली नहीं है।

रामाराव ने कहा कि अगर वास्तव में एसआईटी गठित करनी है, तो उसे मंत्रियों के भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और अवैध गतिविधियों की जांच के लिए बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बहनोई से जुड़े कथित कोयला घोटाले को उजागर करने के कारण ही हरीश राव को सोमवार शाम नोटिस जारी किया गया।

उन्होंने सवाल किया, “अगर हरीश राव द्वारा कोयला घोटाले को लेकर दी गई जानकारी गलत है, तो अब तक संबंधित मंत्री और सिंगरेनी के अधिकारी सामने क्यों नहीं आए?”

रामाराव ने आरोप लगाया कि सिंगरेनी के टेंडरों में भारी गड़बड़ी की गई है और इसमें मुख्यमंत्री के बहनोई सृजन रेड्डी की केंद्रीय भूमिका है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के परिवार का अब तक नौ सिंगरेनी टेंडरों पर नियंत्रण है।

उन्होंने कहा कि पहले जहां टेंडर अनुमानित लागत से कम दरों पर भरे जाते थे, अब उन्हें अनुमान से ज्यादा कीमत पर भरा जा रहा है। सिंगरेनी को “सोने की मुर्गी” की तरह इस्तेमाल करते हुए लूट का नया नियम लागू किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कहीं भी नहीं होने वाला नियम यहां लागू किया गया, जिसके तहत टेंडर भरने वाली कंपनी को अनिवार्य रूप से साइट विजिट कर सिंगरेनी अधिकारियों से प्रमाणपत्र लेना पड़ता है।

रामाराव ने आरोप लगाया कि साइट विजिट के नाम पर कंपनियों से उनकी पूरी जानकारी और निदेशकों का ब्योरा लिया जा रहा है और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सृजन रेड्डी खुद कंपनियों को धमका रहे हैं और जो कंपनियां दबाव में नहीं आतीं, उन्हें पात्र होने के बावजूद साइट विजिट प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-