नई दिल्ली, 26 दिसंबर (khabarwala24)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की आठवीं विधानसभा का चतुर्थ सत्र 5 से 8 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। सत्र की शुरुआत उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के अभिभाषण से होगी। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के सुचारु एवं व्यवस्थित संचालन के लिए सभी प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक तैयारियाँ पूरी की जा रही हैं। विधानसभा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं के बीच समन्वय स्थापित किया गया है और आवश्यक लॉजिस्टिक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि सदन की कार्यवाही निर्बाध रूप से संचालित हो सके।
उन्होंने बताया कि चार दिवसीय शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में महत्वपूर्ण विधायी एवं प्रक्रियात्मक कार्य संपन्न किए जाएंगे। साथ ही कई आवश्यक पत्र सदन के पटल पर रखे जाने प्रस्तावित हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान आचार्य लोकेश ने जनवरी 2026 में आयोजित होने वाले एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजन की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 17 से 25 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली के मल्टी-पर्पज़ हॉल में नौ दिवसीय राम कथा का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन ‘विश्व शांति मिशन’ के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राम कथा वाचक मोरारी बापू कथा वाचन करेंगे।
आचार्य लोकेश ने बताया कि राम कथा का आयोजन ‘अहिंसा विश्व भारती’ द्वारा किया जा रहा है, जो शांति, संवाद, अहिंसा और सामाजिक सौहार्द के लिए समर्पित संस्था है। उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आयोजन समिति के अध्यक्ष का दायित्व संभालने की सहमति दी है, जबकि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष इस आयोजन के मुख्य संरक्षक हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन शांति, करुणा, संयम, सत्य, अनुशासन और सामाजिक समरसता जैसे मूल्यों का शाश्वत मार्गदर्शन देता है। मोरारी बापू की राम कथा से युवा पीढ़ी सहित समाज के सभी वर्गों में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।
आचार्य लोकेश ने बताया कि इस आयोजन में भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय राजधानी में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।
अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत की सभ्यतागत विरासत के नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर चिंतन का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक आयोजन है, क्योंकि पहली बार किसी जैन आचार्य के मार्गदर्शन में राम कथा का आयोजन किया जा रहा है, जो भारत की बहु-धार्मिक सहिष्णुता और साझा सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत मंडपम जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर आयोजित यह राम कथा भारत की समावेशी, सौहार्दपूर्ण और सांस्कृतिक विरासत को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


