नई दिल्ली, 23 दिसंबर (khabarwala24)। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को चाइनीज वीजा स्कैम से जुड़े सीबीआई मामले में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने इसी मामले में कार्ति चिदंबरम के चार्टर्ड अकाउंटेंट एस भास्कर रमन के खिलाफ भी आरोप तय किए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी।
यह मामला साल 2011 का है। उस समय देश के गृह मंत्री पी. चिदंबरम थे। सीबीआई का आरोप है कि पंजाब में एक बड़े पावर प्रोजेक्ट के लिए तय नियमों से ज्यादा चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाया गया। ये प्रोजेक्ट वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) का था, जहां बिजली संयंत्र का निर्माण चल रहा था।
सीबीआई के मुताबिक, इस दौरान कुल 263 चीनी श्रमिकों के वीजा नियमों को नजरअंदाज करते हुए जारी कराए गए। इसके लिए कार्ति चिदंबरम और उनके सहयोगी एस. भास्कर रमन की मदद ली गई।
जांच एजेंसी का कहना है कि टीएसपीएल कंपनी ने इस काम के बदले करीब 50 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। यह पैसा कथित तौर पर कार्ति चिदंबरम और उनके करीबी एस. भास्कर रमन को दिया गया, ताकि तय सीमा से ज्यादा चीनी कर्मचारियों के वीजा दिए जा सकें।
सीबीआई का दावा है कि यह पूरा लेन-देन नियमों के खिलाफ था और इसमें सरकारी पद का गलत इस्तेमाल किया गया। इसी आधार पर भ्रष्टाचार से जुड़े कानूनों के तहत केस दर्ज किया गया और अब कोर्ट ने इस मामले में आरोप तय कर दिए हैं।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला बनता पाया और दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप तय कर दिए। अदालत के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि मामले में नियमित सुनवाई आगे बढ़ेगी और आरोपों की न्यायिक जांच की जाएगी।
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