हाजीपुर, 4 जनवरी (khabarwala24)। बिहार के वैशाली जिले स्थित लालगंज थाना क्षेत्र में चोरी की जांच करते-करते पुलिस अधिकारी खुद ही फंस गए, जहां थानाध्यक्ष और एक दारोगा पर आरोप है कि उन्होंने जब्त किए गए सामान को जब्ती में दर्ज न करके खुद उसे गायब कर दिया। जब पूरे मामले की जांच की गई तो इनकी पोल खुल गई, तब वैशाली अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार और दरोगा सुमन झा को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 30 दिसंबर को लालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बिलनपुर निवासी रामप्रीत सहनी के आवास पर प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर लालगंज थाना द्वारा छापेमारी की गई। इस छापेमारी का नेतृत्व थानाध्यक्ष लालगंज पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार द्वारा किया गया। छापेमारी के क्रम में चोरी की सामग्री बरामद हुई है, जिसमें तीन टीवी, दो जिंदा कारतूस, एक कारतूस एवं कुछ तांबा और अन्य धातु के बर्तन की बरामदगी दर्शाई गई।
जांच के दौरान आरोप है कि लगभग 50 लाख रुपए कैश, करीब दो किलो सोना और 6 किलो चांदी बरामद हुई थी, लेकिन जब्ती सूची में दर्ज करने के बजाए पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उसे गायब कर दिया। आरोपी के रिश्तेदार गेना लाल साहनी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रेड के दौरान पुलिस ने घर से 50 से 60 लाख रुपए कैश, लगभग 2 किलो सोना और 6 किलो चांदी जब्त की, लेकिन इनमें से कुछ भी जब्ती लिस्ट में दर्ज नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई गांववालों ने पुलिस अधिकारियों को कीमती सामान ले जाते हुए देखा था। यह सूचना पुलिस अधीक्षक वैशाली को दी गई। जांच के दौरान गड़बड़ियों की शुरुआती जांच के बाद वैशाली के पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने सख्त कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष संतोष कुमार और सब-इंस्पेक्टर सुमन झा को निलंबित कर दिया और उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि डिपार्टमेंटल जांच चल रही है, और अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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