8,800 से अधिक जहाज रीसाइक्लिंग और 32 प्रतिशत वैश्विक योगदान के साथ अलंग बना शिप रीसाइक्लिंग का ‘ग्रीन मॉडल”

गांधीनगर, 23 दिसंबर (khabarwala24)। गुजरात एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए तैयार है। कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) का दूसरा संस्करण जनवरी 2026 में राजकोट में होने जा रहा है, जहां राज्य अपनी बढ़ती समुद्री ताकत को वैश्विक मंच पर अधिक मजबूती […]

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गांधीनगर, 23 दिसंबर (khabarwala24)। गुजरात एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए तैयार है। कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) का दूसरा संस्करण जनवरी 2026 में राजकोट में होने जा रहा है, जहां राज्य अपनी बढ़ती समुद्री ताकत को वैश्विक मंच पर अधिक मजबूती से पेश करेगा।

इस आयोजन के केंद्र में है अलंग-सोसिया शिप रीसाइक्लिंग यार्ड, जिसे गुजरात मेरीटाइम बोर्ड के नेतृत्व में विकसित किया गया है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में, गुजरात सरकार ने पारदर्शी शासन, ठोस नीतियां, कड़े सुरक्षा मानक और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को अपनाया है। इन सब प्रयासों के चलते अलंग आज केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की समुद्री विकास यात्रा का एक सशक्त और प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

अलंग विश्व के सबसे बड़े शिप रीसाइक्लिंग बाजारों में से एक है और वैश्विक शिप रीसाइक्लिंग क्षेत्र में 32 प्रतिशत का योगदान देता है। अब तक यहां 8,800 से अधिक जहाजों का सुरक्षित और नियमित रीसाइक्लिंग किया जा चुका है। इन जहाजों से प्राप्त सामग्री का लगभग 99.95 प्रतिशत पुनः उपयोग में लाया जाता है जिससे अलंग शिप रीसाइक्लिंग में उभरता हुआ “ग्रीन मॉडल” बन गया है।

रीसाइक्लिंग सामग्री का अधिकतम पुनः उपयोग होने के कारण अलंग में कई डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए स्थिर व्यवसाय के अवसर मौजूद हैं। स्क्रैप प्रोसेसिंग, स्टील रोलिंग, मशीनरी रिफर्बिशमेंट, ट्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में लगातार आर्थिक गतिविधि और रोजगार के अवसर विकसित होते हैं।

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इतना ही नहीं, अलंग में वर्तमान में 128 में से 115 प्लॉट पूरी तरह “हांगकांग कन्वेंशन (एचकेसी) कम्प्लायंट” हैं, और जून 2025 से एचकेसी के वैश्विक स्तर पर लागू होने के साथ ही अलंग को विश्व के सबसे विश्वसनीय ग्रीन रीसाइक्लिंग सेंटर के रूप में मान्यता मिली है।

वर्ष 2024-25 के दौरान वैश्विक चुनौतियों के बीच भी अलंग ने अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया और 113 जहाज़ों का रीसाइक्लिंग किया। वर्ष 2025-26 की शुरुआत में जहाजों के आगमन में 13 प्रतिशत वृद्धि दर्ज होने से क्षेत्र में सकारात्मक गति देखने को मिल रही है।

इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने 2025 में अलंग के लिए एक महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है जिसके तहत आने वाले 10 वर्षों में 15,000 जहाज़ों का रीसाइक्लिंग करने का मिशन भी रखा गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा हेल्थकेयर, श्रमिक सुविधाएं, समुद्री कौशल प्रशिक्षण और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को और मजबूत करने की भी तैयारी शुरू हो चुकी है।

भविष्य में बढ़ते शिप रीसाइक्लिंग वॉल्यूम को ध्यान में रखते हुए, गुजरात मेरीटाइम बोर्ड (जीएमबी) ने लगभग ₹1224 करोड़ की लागत से अलंग का मास्टर प्लान पूरा कर लिया है। इस योजना के लागू होने के बाद वर्तमान 4.5 मिलियन एलडीटी की रीसाइक्लिंग क्षमता दोगुनी होकर 9 मिलियन एलडीटी तक पहुंच जाएगी, जिससे अलंग वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा सकेगा।

अलंग की इन उपलब्धियों के बीच गुजरात सरकार राजकोट में 10 से 12 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाली वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में अलंग को सिर्फ एक रीसाइक्लिंग यार्ड के रूप में नहीं बल्कि गुजरात की समुद्री शक्ति, ग्रीन टेक्नोलॉजी और निवेश के अनुकूल बिजनेस सेंटर के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करेगी। राज्य सरकार को भरोसा है कि यह सम्मेलन राज्य की समुद्री क्षमताओं और भविष्य के अवसरों को वैश्विक स्तर पर उजागर करने का बेहतरीन मंच साबित होगा।

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