लखनऊ, 10 दिसंबर (khabarwala24)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यहां ग्रीन सिटी, सालारगंज इलाके में एक इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की अपनी लिव-इन पार्टनर रत्ना और उसकी दोनों नाबालिग बेटियों ने मिलकर निर्मम हत्या कर दी। सूर्य प्रताप सिंह (33 वर्ष) एवररेडी कंपनी में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर थे।
8 दिसंबर 2025 की सुबह 5 बजे हुई इस हत्या में रत्ना ने चाकू से सूर्य का गला रेत दिया, जबकि बेटियां (17 और 14 वर्ष) ने उनके हाथ-पैर पकड़ रखे थे। हत्या के बाद तीनों करीब 4 घंटे शव के पास ही बैठी रहीं। फिर रत्ना ने खुद पुलिस को फोन कर हत्या की बात बता दी। पुलिस ने 20 घंटे की सख्त पूछताछ में तीनों का कबूलनामा ले लिया। यह मामला लिव-इन रिलेशनशिप में घरेलू हिंसा, बच्चों पर अत्याचार और बदले की भावना का चरम रूप दिखाता है। आइए, जानते हैं इस खौफनाक वारदात की पूरी कहानी, जो पुलिस जांच और परिजनों के बयानों से सामने आई है।
लिव-इन रिलेशनशिप की शुरुआत: 2012 से चला आ रहा था रिश्ता, ट्यूशन से प्यार तक
सूर्य प्रताप सिंह मूल रूप से देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के परसियां भीखम गांव के रहने वाले थे। उनके पिता नरेंद्र सिंह मैक्स हॉस्पिटल गोमतीनगर में चालक हैं। सूर्य ने पॉलिटेक्निक की पढ़ाई पूरी करने के बाद जानकीपुरम में रहते हुए मोहल्ले के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। इसी दौरान 2012 में उनकी मुलाकात रत्ना देवी (46 वर्ष) से हुई।
रत्ना हरदोई की रहने वाली हैं और उस समय जानकीपुरम की आकांक्षा विहार कॉलोनी में अपने पति राजेंद्र कुमार और दो बेटियों के साथ रहती थीं। राजेंद्र जनगणना विभाग में कर्मचारी थे, लेकिन शराब के आदी होने की वजह से रत्ना के साथ मारपीट करते थे। सूर्य प्रताप रत्ना की दोनों बेटियों को ट्यूशन पढ़ाने जाते थे। इसी बहाने दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
2014 में राजेंद्र की शराबखोरी से मौत हो गई। इसके बाद रत्ना ने सूर्य से आर्थिक मदद मांगी। सूर्य ने झांसे में आकर रत्ना को सहारा दिया। धीरे-धीरे रिश्ता लिव-इन रिलेशनशिप में बदल गया। करीब दो साल पहले सूर्य ने सालारगंज, ग्रीन सिटी में अपना मकान बनवाया। रत्ना और उसकी बेटियां भी उसी मकान में शिफ्ट हो गईं।
सूर्य सप्ताह में ज्यादातर समय रत्ना के साथ रहते, लेकिन हर रविवार को परिवार के साथ जानकीपुरम के घर आते। परिवार को शक था, लेकिन सूर्य ने कभी इरादा जाहिर नहीं किया। पिता नरेंद्र सिंह बताते हैं, “बेटा हट्टा-कट्टा था। शादी की बात चल रही थी, लड़की देख रहे थे। लेकिन रत्ना के चक्कर में फंस गया। उसने बेटे को परिवार से अलग कर दिया।” पड़ोसी भी कहते हैं कि सूर्य शांत और मिलनसार इंसान थे, लेकिन लिव-इन के बाद वो बदले-बदले से लगने लगे।
हत्या से पहले का विवाद: इंजीनियर की बेटियों पर बुरी नजर, पिटाई और बैड टच का आरोप
पुलिस पूछताछ में रत्ना और बेटियों ने बताया कि सूर्य प्रताप दोनों बेटियों के साथ लगातार मारपीट करते थे। उन्हें घर में कैद रखते थे। खासकर बड़ी बेटी (17 वर्ष) पर उनकी बुरी नजर थी। वो उसे बार-बार बैड टच करते थे। विरोध करने पर पिटाई करते। 6 दिसंबर को सूर्य परिवार के साथ जानकीपुरम घर पर रुके। 7 दिसंबर शाम को वो ग्रीन सिटी लौट आए।
शाम को सूर्य ने बड़ी बेटी का फोन चेक किया। उसमें एक युवक के साथ फोटो देख ली। गुस्से में रात करीब 11 बजे उन्होंने लड़की की जमकर पिटाई की। फिर घसीटकर अपने कमरे में ले गए और बैड टच किया। रत्ना और छोटी बेटी ने किसी तरह उसे छुड़ाया। तीनों अपने कमरे में चली गईं।
बड़ी बेटी घंटों रोती रही। रत्ना गुस्से से तिलमिला उठी। उसने बेटियों से कहा, “क्यों न इसकी हत्या कर दें? रोज का विवाद खत्म हो जाएगा।” दोनों बेटियां भी सहमत हो गईं। तीनों ने रात भर जागकर प्लान बनाया। रत्ना ने बताया कि वो 6 दिसंबर को भाई के पास गुडंबा गई थीं, लेकिन 7 दिसंबर शाम को ही घर लौट आईं। पुलिस का मानना है कि हत्या पूर्वनियोजित थी। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने कहा, “तीनों के बयान एक जैसे हैं। सूर्य की बेटियों पर अत्याचार असहनीय हो गया था।”
हत्या का खौफनाक मंजर: सुबह 5 बजे चाकू से गला रेता, छटपटाहट पर दबोचकर बैठीं तीनों
8 दिसंबर सुबह करीब 5 बजे प्लान अमल में आया। रत्ना किचन से चाकू लाई। तीनों सूर्य के कमरे में घुसीं। सूर्य बेड पर सो रहे थे। बड़ी बेटी ने पैर पकड़े, छोटी ने हाथ। रत्ना ने चाकू से सूर्य के गले पर ताबड़तोड़ वार किए। सूर्य छटपटाने लगे, लेकिन बेटियां उन्हें छोड़ने को तैयार न हुईं। कुछ ही मिनटों में सूर्य की सांसें थम गईं। कमरा खून से लथपथ हो गया। तीनों बाथरूम गईं, हाथ-मुंह धोया।
फिर घर के दरवाजे पर 4 घंटे बैठी रहीं। सुबह 9 बजे रत्ना ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया, “मैंने लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दी है। शव घर में पड़ा है।” पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लिया। फोरेंसिक टीम ने सीन क्राइम जांचा। चिनहट थाने में सूर्य के पिता नरेंद्र की शिकायत पर रत्ना और बेटियों के खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या), 34 (साझा साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।
कबूलनामा और पूछताछ: 20 घंटे चली पूछताछ, तीनों ने माना – बदला लेने के लिए की हत्या
पुलिस ने रत्ना और बेटियों को अलग-अलग 20 घंटे पूछताछ की। तीनों के बयान मिले, तो पुलिस ने कबूल लिया। रत्ना ने कहा, “सूर्य की हरकतें बर्दाश्त से बाहर हो गईं। बेटियों की इज्जत बचाने के लिए ऐसा कदम उठाया।” बेटियों ने बताया, “वो हमें कैद रखते थे। बड़ी बहन पर बुरी नीयत रखते थे।” कोई सुसाइड नोट या अन्य सबूत नहीं मिला।
रत्ना के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं दिखा। पुलिस ने कहा, “हत्या में कोई अफसोस नहीं। बेटियां डरी हुई हैं।” 9 दिसंबर को रत्ना को जेल भेज दिया गया। दोनों बेटियों को बाल सुधार गृह। रत्ना के परिवार का कोई सदस्य मिलने नहीं आया। पूछताछ में रत्ना ने कहा, “सूर्य की वजह से रिश्तेदारी टूट गई।”
पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार: 24 घंटे बाद रिपोर्ट, पिता ने रोते हुए दी मुखाग्नि
सूर्य का शव 8 दिसंबर को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, लेकिन कानूनी प्रक्रिया में देरी से 9 दिसंबर को रिपोर्ट बनी। रिपोर्ट में गले पर तीन गहरे चाकू के घाव, सीने और हाथ पर चोटें मिलीं। मौत का कारण गला रेतना ही। शव जानकीपुरम घर लाया गया। परिजन रो पड़े। फिर गोमतीनगर के बैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार।
पिता नरेंद्र सिंह ने बिलखते हुए मुखाग्नि दी। बोले, “बेटा शादी के बहाने आया था। अब चिता जला रहा हूं। रत्ना ने मकान हड़पने के लिए मार डाला।” बहन ने कहा, “भाई को कितना समझाया, लेकिन नहीं माने।” गांव देवरिया में भी मातम छाया। सूर्य के चचेरे भाई ने बताया, “रत्ना ने सूर्य को बहला-फुसलाकर अलग कर दिया। संपत्ति पर नजर थी।”
परिवार और पड़ोसियों का दर्द: शादी की बात चल रही थी, इकलौता बेटा था सूर्य
नरेंद्र सिंह ने बताया, “सूर्य इकलौता बेटा था। छोटी बहन है, जो शादीशुदा है। रत्ना के संपर्क में आने के बाद सूर्य घरवालों से दूर हो गया। सप्ताह में एक दिन ही आता।” पड़ोसी कहते हैं, “सूर्य शांत थे। बड़ों का आदर करते। व्यवहार अच्छा था।” मोहल्ले में चर्चा है कि रत्ना को पेंशन मिलती थी (30 हजार मासिक), लेकिन सूर्य घर चलाते थे। हत्या का कारण संपत्ति या बदला – पुलिस जांच रही। बहन बार-बार कहती रहीं, “भगवान इंसाफ देगा। रत्ना ने भाई को मारकर सब छीन लिया।”
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई: पूर्वनियोजित हत्या, संपत्ति पर शक
पुलिस ने सीन रीक्रिएट किया। CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स चेक हो रही। डीसीपी शशांक सिंह ने कहा, “हत्या पूर्वनियोजित लग रही। बेटियों पर अत्याचार मुख्य कारण। संपत्ति का एंगल भी देख रहे।” रत्ना के भाई से पूछताछ होगी। मामला लिव-इन रिलेशनशिप के खतरे को उजागर करता है। विशेषज्ञ कहते हैं, ऐसे रिश्तों में कानूनी सुरक्षा जरूरी। सूर्य का परिवार न्याय की उम्मीद में है। यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर कर रही – प्यार की आड़ में हिंसा कैसे फैल रही।
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