ईडी ने इंडियन बैंक को 40 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी वापस सौंपी

नई दिल्ली, 13 दिसंबर (khabarwala24)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सरवाना स्टोर्स (गोल्ड पैलेस) और उसके पार्टनर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में इंडियन बैंक को 40 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी वापस कर दी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।इससे पहले, जांच एजेंसी ईडी ने 17 फरवरी, 2025 को बैंक को […]

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नई दिल्ली, 13 दिसंबर (khabarwala24)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सरवाना स्टोर्स (गोल्ड पैलेस) और उसके पार्टनर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में इंडियन बैंक को 40 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी वापस कर दी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इससे पहले, जांच एजेंसी ईडी ने 17 फरवरी, 2025 को बैंक को 235 करोड़ रुपए की तीन प्रॉपर्टी वापस कर दी थीं। इसी मामले में अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कुल रिकवरी अब 275 करोड़ रुपए हो गई है।

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आरोप है कि लोन लेने वाले ने इंडियन बैंक को 312.13 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया था। अधिकारी ने कहा कि ईडी द्वारा प्रॉपर्टी वापस करने का काम इंडियन बैंक द्वारा पीएमएलए, 2002 की धारा 8(8) के तहत दायर एक एप्लीकेशन के समर्थन में किया जा रहा है।

ईडी ने इंडियन बैंक की शिकायत पर सीबीआई द्वारा आईपीसी, 1860 की अलग-अलग धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। एफआईआर में आरोप है कि सरवाना स्टोर्स (गोल्ड पैलेस) के पार्टनर्स ने धोखाधड़ी से 240 करोड़ रुपए की क्रेडिट सुविधा ली, लेकिन फंड को गैर-कानूनी कामों के लिए इस्तेमाल किया।

एफआईआर में आगे कहा गया है कि लोन लेने वाले ने गलत और बढ़ा-चढ़ाकर स्टॉक स्टेटमेंट जमा किए, वर्किंग कैपिटल लिमिट का गलत इस्तेमाल किया, पैसे पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर किए, बैंक की जानकारी के बिना गिरवी रखा स्टॉक हटा दिया और बैंक फंड को दूसरी जगह इस्तेमाल करके प्रॉपर्टी खरीदीं।

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यह लोन अकाउंट 7 जुलाई, 2019 को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) बन गया और बाद में इसे फ्रॉड और जानबूझकर डिफॉल्ट के तौर पर क्लासिफाई किया गया, जिससे इंडियन बैंक को 312.13 करोड़ रुपए का गलत नुकसान हुआ।

पीएमएलए जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने सिस्टमैटिक तरीके से बैंक फंड को डायवर्ट किया और उसका गलत इस्तेमाल किया।

ईडी ने दो प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए 274.76 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया, जिसे बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने 24 जनवरी, 2023 और 27 अक्टूबर, 2023 को कन्फर्म कर दिया।

इसके बाद ईडी ने 18 जनवरी, 2024 को स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में एक प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट फाइल की।

इंडियन बैंक ने पीएमएलए, 2002 की धारा 8(8) के तहत अटैच की गई प्रॉपर्टीज़ को वापस दिलाने की मांग की, जिसके बाद ईडी ने कार्रवाई शुरू की और लेंडर के फायदे के लिए प्रॉपर्टी अटैच की गईं।

स्पेशल कोर्ट ने 17 फरवरी, 2025 के आदेश से 235 करोड़ रुपए की तीन प्रॉपर्टीज वापस दिला दीं।

इंडियन बैंक ने हाई कोर्ट और ईडी से 40 करोड़ रुपए की अतिरिक्त प्रॉपर्टीज की मांग की और ईडी ने जनहित और बैंक के बड़े नुकसान को देखते हुए कोई आपत्ति नहीं जताई।

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