GST Reform: सूई से हवाई जहाज तक, क्या होगा सस्ता और क्या महंगा? जानें पूरी डिटेल

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Khabarwala24 News GST Reform: भारत में टैक्स सिस्टम को और आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इन बदलावों में दो स्तरों का टैक्स सिस्टम और 40% टैक्स रेट लागू करने की चर्चा जोरों पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में इसकी झलक दी थी। यह कदम भारत के राजकोषीय ढांचे में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

सूत्रों के अनुसार, GST काउंसिल की 3 और 4 सितंबर 2025 को होने वाली बैठक में इन सुधारों पर चर्चा होगी। इस बैठक में मंत्रियों के समूह द्वारा तैयार की गई पूरी रिपोर्ट पेश की जाएगी, और अंतिम फैसला GST काउंसिल लेगी। हम आपको बताएंगे कि GST रेट में बदलाव के बाद कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और कौन-सी महंगी। आइए, जानते हैं कि GST रिफॉर्म से आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा।

GST रिफॉर्म क्या है? (GST Reform in India)

GST, यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स, भारत में 2017 में लागू किया गया था। इसका मकसद अप्रत्यक्ष टैक्स सिस्टम को सरल बनाना था। अब सरकार इसमें और सुधार करने जा रही है। नए प्रस्तावों में टैक्स स्लैब को कम करके दो स्तरों पर लाने और कुछ लग्जरी सामानों पर 40% टैक्स लगाने की बात है। इससे कुछ जरूरी चीजें सस्ती होंगी, तो कुछ लग्जरी आइटम महंगे हो सकते हैं। यह बदलाव आम लोगों, किसानों, और उद्योगों, सभी पर असर डालेगा।

कृषि और फर्टिलाइजर: सस्ते होंगे खेती के सामान

कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और सरकार ने किसानों के लिए कई राहतों का ऐलान किया है। निम्नलिखित चीजों पर GST रेट 18% या 12% से घटकर 5% होने की संभावना है:

  • फर्टिलाइजर और बायो-पेस्टीसाइड: पहले इन पर 18% या 12% टैक्स था, अब 5% होगा।
  • माइक्रो न्यूट्रिएंट्स: फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर के तहत आने वाले माइक्रो न्यूट्रिएंट्स।
  • एसिड: सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, और अमोनिया।
  • सिंचाई उपकरण: नोजल और ड्रिप सिंचाई सिस्टम।
  • कृषि मशीनरी: कटाई और थ्रेशिंग मशीनरी।
  • ट्रैक्टर और पार्ट्स: ट्रैक्टर के टायर, इंजन, पंप, पहिए, और गियरबॉक्स।

इन बदलावों से किसानों को सस्ते दामों पर खेती के सामान मिलेंगे, जिससे उनकी लागत कम होगी।

रिन्यूएबल एनर्जी: सोलर और हरी ऊर्जा को बढ़ावा

हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े सामानों पर GST रेट घटाने का प्रस्ताव रखा है। निम्नलिखित चीजों पर GST 12% से घटकर 5% हो सकता है:

  • सोलर उपकरण: सोलर कूकर, सोलर वॉटर हीटर।
  • ऊर्जा उपकरण: रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े उपकरण और उनके पार्ट्स।

यह कदम पर्यावरण के लिए अच्छा है और सोलर एनर्जी को अपनाने में मदद करेगा।

कपड़ा और हैंडीक्राफ्ट: सस्ते होंगे हस्तशिल्प और कपड़े

कपड़ा और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर में भी कई चीजें सस्ती होने वाली हैं। इन पर GST 12% से घटकर 5% हो सकता है:

  • कपड़ा: सिंथेटिक/आर्टिफिशियल फिलामेंट यार्न, सिलाई धागे, फेल्ट, गिंप्ड यार्न, मेटलाइज्ड यार्न, रबर थ्रेड, कालीन, और गॉज।
  • हैंडीक्राफ्ट: मूर्तियां, टेराकोटा टेबलवेयर, किचनवेयर, बैग, पाउच, पर्स, और 100 साल से कम उम्र की प्राचीन वस्तुएं।

ये बदलाव छोटे कारीगरों और हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा देंगे।

स्टेशनरी: स्कूल के सामान पर राहत

छात्रों और अभिभावकों के लिए अच्छी खबर है। स्टेशनरी आइटम्स पर GST रेट में भारी कटौती प्रस्तावित है:

  • 0% GST: रबर (इरेजर), मैप, एटलस, पेंसिल शार्पनर, पेंसिल, क्रेयॉन्स, और एक्सरसाइज बुक (पहले 5% या 12%)।
  • 5% GST: मैथ्स बॉक्स, ज्योमेट्री बॉक्स, और कलर बॉक्स (पहले 12%)।

इससे स्कूल का सामान सस्ता होगा, जिससे शिक्षा पर खर्च कम होगा।

कपड़े और जूते: रोजमर्रा की जरूरतें होंगी सस्ती

रोजमर्रा के कपड़ों और जूतों पर भी GST रेट कम होने की उम्मीद है:

  • जूते: 2,500 रुपये से कम कीमत वाले जूतों पर GST 12% से घटकर 5% होगा।
  • कपड़े: सस्ते कपड़ों पर भी टैक्स कम हो सकता है, जिससे आम लोगों को फायदा होगा।

हेल्थ और मेडिसिन: दवाइयों और मेडिकल उपकरणों पर राहत

स्वास्थ्य सेवाओं को और सस्ता करने के लिए कई दवाइयों और मेडिकल उपकरणों पर GST रेट कम करने का प्रस्ताव है:

  • 0% GST: 30 से ज्यादा कैंसर दवाएं और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं (पहले 12% या 5%)।
  • 5% GST: सभी अन्य दवाएं, मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, आयोडीन, पोटैशियम आयोडेट, गॉज, बैंडेज, सर्जिकल रबर ग्लव्स, डायग्नोस्टिक किट्स, ब्लड ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम, टेस्ट स्ट्रिप्स, एक्स-रे डिवाइस, चश्मे, गॉगल्स, थर्मामीटर, और मेडिकल, सर्जिकल, डेंटल उपकरण (पहले 12% या 18%)।

यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाएगा।

फूड और ड्रिंक्स: खाने-पीने की चीजें होंगी सस्ती

खाने-पीने की चीजों पर भी GST रेट में कटौती प्रस्तावित है, जिससे आपकी रसोई का बजट कम होगा:

  • 0% GST: अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर दूध, पनीर, छेना (प्री-पैक्ड और लेबल्ड), पिज्जा ब्रेड, खाखरा, साधारण चपाती, रोटी, पराठा, परोट्टा, और अन्य भारतीय ब्रेड्स (पहले 5% या 18%)।
  • 5% GST: मक्खन, घी, डेयरी स्प्रेड्स, सूखे मेवे, कंडेंस्ड मिल्क, सॉसेज, मीट, शुगर बोंड मिठाई, जैम, फ्रूट जैली, नारियल पानी (प्री-पैक्ड), नमकीन, भुजिया, मिक्सचर, 20 लीटर पैक पानी, फल का पल्प या जूस, दूध वाले पेय पदार्थ, शुगर कन्फेक्शनरी (मिश्री को छोड़कर), कोकोआ बटर, चॉकलेट, कॉर्न फ्लेक्स, अनाज, पेस्ट्री, केक, बिस्कुट, और आइसक्रीम (पहले 12% या 18%)।

कंज्यूमर गुड्स: रोजमर्रा की चीजें होंगी सस्ती

रोजमर्रा की जरूरतों पर भी GST रेट कम होने की उम्मीद है:

  • 5% GST: टूथ पाउडर, दूध की बोतलें, बर्तन, किचनवेयर, छतरी, सिलाई मशीन, साइकिल, बांस का फर्नीचर, कंघी, टैल्कम पाउडर, फेस पाउडर, हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, डेंटल फ्लॉस, साबुन, टूथब्रश, हैंड कार्ट, रिक्शा, लाइव होर्स, संगमरमर के ब्लॉक्स, ग्रेनाइट ब्लॉक्स, नेचुरल मेंथॉल, एक्स-रे फिल्म, प्लास्टिक मोती, चश्मे, जार, घंटियां, कांटेक्ट लेंस, चश्मे के फ्रेम, सैंड लाइम ईंट, पत्थर की इनले वर्क, हैंड पेंटिंग, हाथ से बनी मोमबत्तियां, मूर्तियां, और 100 साल से कम उम्र के एंटीक आइटम (पहले 12% या 18%)।
  • रक्षा सेक्टर: वॉकी-टॉकी, टैंक, और बख्तरबंद गाड़ियों पर GST 12% से घटकर 5% होगा।

कागज और पैकेजिंग: पैकिंग सामग्री होगी सस्ती

  • 5% GST: लकड़ी का गूदा, कार्टन, बॉक्स, और पेपरबोर्ड (पहले 12%)।

28% से 18% GST में आने वाले सामान

कुछ सामानों पर GST रेट 28% से घटकर 18% होने की संभावना है:

  • सीमेंट, फ्यूल या लुब्रिकेंट पंप, एंबुलेंस वाहन, 10 से ज्यादा यात्री ले जाने वाली गाड़ियां, पेट्रोल, LPG और CNG गाड़ियां (इंजन ≤1200cc, लंबाई <4000mm), डीजल वाहन (1500cc तक, ≤4000mm लंबाई), तीन-पहिया वाहन, 350cc तक की मोटरसाइकिल, गाड़ियों के पार्ट्स, सीट, एक्सेसरीज, और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे AC, डिशवॉशर, और TV।

महंगी होने वाली चीजें: 12% से 18% और 28% से 40%

कुछ लग्जरी और गैर-जरूरी सामानों पर GST रेट बढ़ सकता है:

  • 12% से 18% GST: मैन-मेड मेंथॉल, पेट्रोलियम ऑपरेशन, कोयला बेड मीथेन ऑपरेशन, 2,500 रुपये से ज्यादा कीमत के रेडीमेड कपड़े और जूते, केमिकल वुड पल्प, अनकोटेड पेपर, और पेपरबोर्ड।
  • 28% से 40% GST: रिवॉल्वर, पिस्टल, स्मोकिंग पाइप, सिगार/सिगरेट होल्डर, स्टेशन वैगन, रेसिंग कार, 1200cc से ज्यादा इंजन और 4000mm से लंबी गाड़ियां, निजी इस्तेमाल के लिए हवाई जहाज, हेलिकॉप्टर, यॉट्स, और 350cc से ज्यादा की मोटरसाइकिल।

GST रिफॉर्म से क्या बदलेगा?

GST रिफॉर्म का मकसद जरूरी सामानों को सस्ता और लग्जरी सामानों को महंगा करना है। इससे किसानों, छात्रों, और आम लोगों को राहत मिलेगी, जबकि लग्जरी सामान खरीदने वालों पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा। यह सुधार भारत की अर्थव्यवस्था को और मजबूत कर सकता है। GST काउंसिल की अगली बैठक में इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा, जिसके बाद नई दरें लागू हो सकती हैं।

क्या कहते हैं व्यापारी नेता

फैडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय सचिव संजय अग्रवाल ने कहा कि एक ओर जहां जीएसटी के स्लैप में बदलाव की बात तो की जा रही है, लेकिन जीएसटी के तहत कई नियम व्यापारियों के लिए बहुत कठिन है उन्हें भी सरल किया जाएगा, क्योंकि इन नियमों की आड़ में अधिकारी व्यापारियों का उत्पीड़न करते हैं।

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